कोरोना से संक्रमित बच्चा (प्रतीकात्मक तस्वीर)
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कोरोना महामारी की तीसरी लहर को लेकर कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं लेकिन वैज्ञानिक तथ्यों को अगर देखें तो महामारी की अगली लहर के बारे में सटीक जानकारी किसी के पास नहीं है। मंगलवार को स्वास्थ्य मंत्रालय ने दोनों लहर का आयुवार तुलनात्मक अध्ययन भी जारी किया है जिसके तहत पहली और दूसरी लहर में एक समान बच्चे कोरोना संक्रमित हुए हैं।
मंत्रालय के अनुसार, एक जुलाई से 31 दिसंबर 2020 के बीच 3.28 फीसदी बच्चे संक्रमित हुए थे जिनकी आयु 10 वर्ष या उससे कम थी। जबकि दूसरी लहर में 15 मार्च से 25 मई 2021 के बीच इसी आयु के 3.05 फीसदी बच्चे कोरोना संक्रमित हुए। मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव कुमार अग्रवाल ने बताया कि इन परिणामों से स्पष्ट है कि कोरोना की पहली या फिर दूसरी लहर में संक्रमण की आशंका एक समान आयुवर्ग में बनी हुई है।
आमतौर पर देखने को मिल रहा है कि 45 वर्ष या उससे अधिक आयु वालों के लिए संक्रमण का खतरा सबसे ज्यादा है। वह पहली और दूसरी लहर में भी देखने को मिला है। ऐसे में यह कहना है कि अगली लहर में बच्चों को खतरा हो सकता है तो यह गलत होगा क्योंकि कोरोना संक्रमण आयु देखकर नहीं फैल रहा।
इसके अलावा सबसे महत्वपूर्ण बात यह भी है कि अगर देश का हर व्यक्ति यह निश्चय कर ले कि संक्रमण की अगली लहर को नहीं आने देना है और वह नियमों का पूरी ईमानदारी के साथ पालन करता है तो देश में कोरोना की तीसरी लहर नहीं आएगी। या अगर आती भी है तो तब तक टीकाकरण के जरिए देश के सभी लोग सुरक्षित हो जाएंगें।
आयु पहली लहर दूसरी लहर
1-10 3.28 3.05
11-20 8.03 8.57
21-30 21.21 22.49
31-40 21.23 22.70
41-50 17.30 17.26
51-60 15.06 13.36
61-70 9.14 8.22
71-80 3.70 3.35
81-90 0.94 0.88
90 से अधिक 0.11 0.13
(पहली और दूसरी लहर के सभी आंकड़े फीसदी में)