झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने केंद्र सरकार द्वारा राज्य सरकार के खाते से दामोदर वैली कार्पोरेशन के बिजली बकाये के 5500 करोड़ रुपये में से 1417 करोड़ रुपये काटे जाने पर कड़ा एतराज जताया है। सोरेन ने पीएम मोदी को पत्र लिखकर इस राशि को वापस लौटाने का अनुरोध किया है।
सोरेन ने पत्र में कोरोना महामारी की मौजूदा परिस्थितियों में इस फैसले असांविधानिक और संघवाद पर चोट बताया है। उन्होंने लिखा, राज्य सरकार, केंद्र और रिजर्व बैंक के बीच हुए त्रिपक्षीय समझौते के आधार पर राज्य सरकार के खाते से 1417 करोड़ रुपये की कटौत कर ली गई, जबकि महामारी के दौर में ऐसा करना कहीं से भी न्यायसंगत और सांविधानिक नहीं है।
आगे पत्र में लिखा कि यह समझौता सामान्य परिस्थितियों में हुआ था, लेकिन कोरोना काल में इसका क्रियान्वयन इस समय किया गया। आजाद भारत के इतिहास में यह दूसरा मौका है, जब इस तरह की कटौती की गई है।
साथ ही लिखा, झारखंड के मुकाबले अन्य राज्यों का कहीं ज्यादा बकाया है। हमारी सरकार ने जनवरी, 2020 और तब बकाया राशि 1313 करोड़ रुपये थी। इसके बावजूद हमारी सरकार ने 741 करोड़ रुपये का भुगतान किया था। सोरेन ने पीएम से काटी गई राशि वापस लौटाने और समझौते में कोयला मंत्रालय को भी चौथी पार्टी बनाने का अनुरोध किया है।