जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। उन्होंने पीएम से कश्मीरी युवाओं में अलगाववाद की भावना को दूर कर हिंसा को खत्म करने का तरीका खोजने की अपील की।
महबूबा ने मुलाकात के दौरान पीएम को राज्य के ताजा हालात की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राज्य के लोगों ने बीते तीन दशकों में काफी परेशानी झेली है। लोग अनिश्चितता और मौत के चक्र से बाहर निकलने के लिए राजनीतिक नेतृत्व की ओर देख रहे हैं। जरूरत इस बात की है कि युवाओं में आई अलगाववाद की भावना का समाधान हो और हिंसा को खत्म करने के लिए बेहतर तरीका ढूंढा जाए।
उन्होंने भारत और पाकिस्तान के सैन्य कमांड के बीच संपर्क बढ़ने के कारण एलओसी पर सकारात्मक प्रभाव पड़ने की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि शांति बहाली के लिए दोनों देशों के बीच उच्च स्तर पर बैठकों की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए। इसके अलावा कश्मीर के दोनों हिस्सों में संपर्क बढ़ाने के लिए उन्होंने कुछ और मार्ग भी खोलने की अपील की।
उन्होंने कहा कि नियंत्रण रेखा पर और अधिक ऐतिहासिक मार्ग खोलने, आवाजाही बढ़ाने से भी हालात में व्यापक सुधार आएंगे। महबूबा ने तक्षशिला-नालंदा की तर्ज पर पीओके स्थित प्राचीन शिक्षा केंद्र शारदा पीठ को विकसित किए जाने पर जोर दिया। पीओके के शारदा गांव में स्थित हिंदू मंदिर शारदा पीठ, नियंत्रण रेखा के पास नील नदी के किनारे स्थित है।