मुख्यमंत्री ने कहा कि 2014 के बाद प्रधान मंत्री मोदी ने शेष भारत के साथ पूर्वोत्तर कनेक्टिविटी को बढ़ाने के प्रयास शुरू किए, जिससे राज्य की कनेक्टिविटी में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। उन्होंने कहा कि त्रिपुरा अब 19 ट्रेनों से जुड़ा है, जिनमें 13 एक्सप्रेस ट्रेनें, 5 डेमू ट्रेनें और एक लोकल ट्रेन शामिल हैं।
त्रिपुरा के मुख्यमंत्री प्रोफेसर डॉ. माणिक साहा ने बुधवार को कहा कि अगरतला-अखौरा रेलवे लिंक परियोजना के उद्घाटन से भारत और बांग्लादेश के बीच संबंध और मजबूत होंगे। इससे पर्यटन बढ़ेगा। त्रिपुरा अब एक प्रमुख पर्यटन और परिवहन प्रवेश द्वार बनने की ओर अग्रसर है। इससे अगरतला और कोलकाता के बीच की दूरी 1600 किमी से कम होकर 500 किमी हो जाएगी।
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मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एचआईआरए (हीरा) मॉडल और देश भर में 508 रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास की आधारशिला रखने की भी सराहना की, जिसमें पूर्वोत्तर के 91 और त्रिपुरा के तीन स्टेशन शामिल हैं। डॉ. साहा ने बताया कि तीन रेलवे स्टेशनों, धर्मनगर, कुमारघाट और कैलाशहर को लगभग 96.60 करोड़ रुपए की लागत से अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पुनर्विकास किया जाना है। इसके अलावा 245 करोड़ रुपए के आवंटन के साथ अगरतला रेलवे स्टेशन को अंतरराष्ट्रीय मानकों पर अपग्रेड करने की योजना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2014 के बाद प्रधान मंत्री मोदी ने शेष भारत के साथ पूर्वोत्तर कनेक्टिविटी को बढ़ाने के प्रयास शुरू किए, जिससे राज्य की कनेक्टिविटी में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। उन्होंने कहा कि त्रिपुरा अब 19 ट्रेनों से जुड़ा है, जिनमें 13 एक्सप्रेस ट्रेनें, 5 डेमू ट्रेनें और एक लोकल ट्रेन शामिल हैं।
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मुख्यमंत्री ने बताया कि अगरतला-अखौरा रेलवे लिंक जो 12.24 किमी है, जिसमें त्रिपुरा में 5.46 किमी और बांग्लादेश में 6.76 किमी तक फैला है। इस परियोजना के लिए कुल 972 करोड़ रुपए आवंटित किए गए थे। भारतीय खंड के लिए 580 करोड़ रुपए बांग्लादेशी खंड के लिए 392 करोड़ नामित किए गए थे। इरकॉन भारतीय हिस्से की देखरेख कर रहा है, जबकि टेक्सामैको बांग्लादेश के हिस्से को संभाल रहा है। डॉ. साहा ने विश्वास व्यक्त किया कि यह पहल दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करेगी।