पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बृहस्पतिवार को केंद्र की सत्तारूढ़ भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा, भाजपा के नेता चुनावों के दौरान वोटरों को लुभाने के लिए झोलों में भरकर नकदी लाते हैं, मगर संकट के समय वे गायब हो जाते हैं।
पश्चिमी मेदिनीपुर में एक रैली को संबोधित करते हुए ममता ने कहा, हजारों की संख्या में नेता यहां वोट लूटने आ रहे हैं, वह कई सपने भी दिखा रहे हैं। प्रदेश की जनता को ऐसे लोगों के बहकावे में आने की जरूरत नहीं है, ऐसे लोग सिर्फ वोट लेने के बाद अपने वादे भूल जाया करते हैं।
ममता ने कहा, मैं एक बाघ की तरह हूं और अपना सिर नहीं झुकाऊंगी। मैं केवल जनता के सामने अपना सिर झुकाती हूं। लेकिन भाजपा जैसी पार्टी महिलाओं, दलितों पर अत्याचार करती है। ममता ने भाजपा को दंगाइयों की पार्टी बताते हुए कहा, हम हिंसा नहीं चाहते हैं, खून-खराबा नहीं चाहते हैं और हम बंगाल में प्रतिशोध की राजनीति नहीं चाहते हैं।
राहत पैकेज पर कहा, एक या दो अपवाद हो सकते हैं
राहत पैकेज का इस्तेमाल नहीं करने के मोदी के हमले पर ममता ने कहा, तृणमूल सरकार ने अम्फॉन चक्रवात प्रभावितों के लिए हजारों करोड़ रुपये की मदद की। एक या दो अपवाद हो सकते हैं...लेकिन हम लोगों की मदद करने के लिए पहुंचे हैं। तब भाजपा के नेता कहां थे? मानवीय संकट के समय वह हमेशा गायब रहते हैं।
एनपीआर पर कहा, नहीं लागू होने देंगे
ममता ने कहा, तृणमूल कांग्रेस पश्चिम बंगाल में राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) को लागू नहीं होने देगी। उन्होंने आरोप लगाया, गणना करने वालों की यात्रा के दौरान घर पर नहीं पाए जाने पर भाजपा मतदाताओं के नामों को हटा देगी। उन्होंने कहा, किसी भी परिवार के एक भी सदस्य, देश के किसी भी नागरिक को बंगाल से निकाला नहीं जा सकता है।