मुर्शिदाबाद में हिंसा के बाद पश्चिम बंगाल में फैले तनाव के बीच सूबे की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य में शांति की अपील की है। उन्होंने विपक्षी भाजपा समेत अन्य दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में भाजपा और उसके सहयोगी अचानक बहुत आक्रामक हो गए हैं। इन सहयोगियों में आरएसएस भी शामिल है। ये ताकतें उकसावे पर हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना की पृष्ठभूमि का इस्तेमाल कर रही हैं। वे इस पृष्ठभूमि का इस्तेमाल विभाजनकारी राजनीति करने के लिए कर रहे हैं। ऐसे में मेरी अपील है कि कृपया शांत रहें।
उन्होंने कहा कि हम सांप्रदायिक दंगों की निंदा करते हैं और उन्हें रोकना चाहिए। दंगों के पीछे के अपराधियों से सख्ती से निपटा जा रहा है। लेकिन, साथ ही, हमें आपसी अविश्वास और अविश्वास से बचना चाहिए। बहुसंख्यक और अल्पसंख्यक समुदायों को एक साथ काम करना चाहिए और एक-दूसरे का ख्याल रखना चाहिए।
ममता बनर्जी ने कहा कि वे दंगे भड़काना चाहते हैं, और दंगे सभी को प्रभावित कर सकते हैं। हम सभी से प्यार करते हैं। हम एक साथ रहना चाहते हैं। हम दंगों की निंदा करते हैं। हम दंगों के खिलाफ हैं। वे हमें कुछ संकीर्ण चुनावी राजनीति के लिए विभाजित करना चाहते हैं। कानून और व्यवस्था बनाए रखने और मानव जीवन और सम्मान को बचाने के लिए, हमने कड़ी कार्रवाई की है। दो पुलिस अधिकारियों को हटा दिया गया है। पुलिस जांच कर रही है। आगे की कार्रवाई की जा रही है।
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ममता ने साधा निशाना
उन्होंने आरोप लगाया कि उन्होंने (भाजपा-आरएसएस) मूल रूप से रामनवमी के दिन को आग से खेलने के लिए इस्तेमाल करने की योजना बनाई थी, लेकिन पश्चिम बंगाल में रामनवमी का जश्न सबसे शांतिपूर्ण रहा है। फिर उन्होंने वक्फ (संशोधन) अधिनियम के खिलाफ आंदोलन से संबंधित कुछ बाद के मामलों का उपयोग करने की कोशिश की। लोगों से भाजपा और उसके सहयोगियों पर भरोसा न करने का आग्रह करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि वे दंगे भड़काना चाहते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कृपया याद रखें कि दंगे न तो हिंदुओं द्वारा किए जाते हैं, न ही मुसलमानों द्वारा, दंगे अपराधियों द्वारा किए जाते हैं। सभी अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। बनर्जी ने दावा किया कि भाजपा शासित उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश और राजस्थान में विरोध रैलियों की अनुमति नहीं है, लेकिन पश्चिम बंगाल में ऐसी कोई संविधान विरोधी व्यवस्था नहीं है।
उन्होने कहा कि जब वे उत्तर प्रदेश में बुलडोजर चलाते हैं, तो पीड़ा होती है। इसके विपरीत, पश्चिम बंगाल में, जब कोई पीड़ित होता है, तो हम मदद करते हैं। पश्चिम बंगाल में हमारा यही दृष्टिकोण है। पश्चिम बंगाल में किसी भी समुदाय को परेशान या प्रतिकूल रूप से प्रभावित नहीं किया जाएगा। हम इस तरह की गड़बड़ी की कड़ी निंदा करते हैं। उव्होंने कहा कि दंगे करने वाले हमेशा बाहर से आते हैं और फिर चले जाते हैं। हमें अब अंदर से उनके बुरे कामों के खिलाफ लड़ना होगा। हम एक साथ बचेंगे और जीतेंगे।