मुख्यमंत्री स्टालिन ने कहा कि टीके की आपूर्ति में तेजी लाने के लिए केंद्रीय पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन मंत्री पुरुषोत्तम रूपाला से तत्काल हस्तक्षेप करना चाहिए।
मवेशियों में खुरपका और मुंहपका रोग वाले टीकों की कमी को लेकर तमिलनाडु सरकार ने काफी चिंता जाहिर की है। मवेशियों में होने वाले रोगों को लेकर सरकार भी सजग है, वहीं तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने शनिवार को केंद्र सरकार से राज्य को खुरपका और मुंहपका रोग (एफएमडी) टीके की आपूर्ति में तेजी लाने का आग्रह किया ताकि मवेशियों में एफएमडी के प्रकोप और किसानों को होने वाली आर्थिक तंगी को रोका जा सके।
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साथ ही मुख्यमंत्री स्टालिन राज्य को वैक्सीन की आपूर्ति में कमी पर चिंता व्यक्त की और कहा कि आपूर्ति में तेजी लाने के लिए केंद्रीय पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन मंत्री पुरुषोत्तम रूपाला से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।
एफएमडी वैक्सीन की आपूर्ति को लेकर स्टालिन ने केंद्रीय मंत्र रूपाला को एक पत्र लिखा जिसमें उन्होंने कहा कि मैं आपके ध्यान में लाना चाहूंगा कि तमिलनाडु में खुरपका और मुंहपका रोग (एफएमडी) टीके की तत्काल आवश्यकता है। साथ ही उन्होंने कहा कि अतिसंवेदनशील मवेशियों की आबादी में संक्रमण फैलने से बचाने, एफएमडी बीमारी को रोकने और किसानों को होने वाले आर्थिक नुकसान को बचाने के लिए टीकों की समय पर उपलब्धता आवश्यक है।
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पत्र में सीएम स्टालिन ने लिखा कि तमिलनाडु में 2011 से 2019 तक हर छह महीने के अंतराल पर पात्र मवेशियों का टीकाकरण किया। राज्य में लगभग 94 लाख मवेशियों और भैंसों को टीके लगाए जा चुके हैं। फरवरी 2020 में एफएमडी के लिए राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम (एनएडीसीपी) के तहत 87.03 लाख मवेशियों का टीकाकरण किया गया।