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Assam: CM हिमंत का दावा- असम में अतिक्रमण करने वालों में बिहार के लोग शामिल, दावों का करेंगे सत्यापन

Fri, 25 Jul 2025 07:47 PM IST
राहुल कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी

सार

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि राज्य की सरकारी, वन और अन्य भूमि पर अतिक्रमण करने वालों में कई ऐसे लोग शामिल हैं, जो खुद को बिहार जैसे राज्यों से आने वाला बता रहे हैं। उन्होंने संदेह जताया कि इनमें से कुछ लोग सीमा पार से भी आ सकते हैं।
 
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असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा - फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
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असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने शुक्रवार को कहा कि बिहार जैसे राज्यों से होने का दावा करने वाले लोग पूर्वोत्तर राज्य में सरकारी, वन और अन्य भूमि पर अतिक्रमण करने वालों में शामिल हैं। सरमा ने कहा कि राज्य सरकार इन लोगों का विवरण उन स्थानों के अधिकारियों के साथ साझा करेगी। जहां से होने का ये दावा कर रहे हैं ताकि यह सत्यापित किया जा सके कि वे वास्तव में बिहार के रहने वाले हैं। 

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मुख्यमंत्री ने हिमंत बिस्व सरमा कहा, जब हमने अतिक्रमणकारियों की सूची देखी, तो पाया कि ये लोग सिर्फ असम से नहीं हैं। इनमें कछार, श्रीभूमि, धुबरी, होजई, नागांव, मोरीगांव जैसे जिलों के लोग हैं। इनमें बिहार के भी कई लोग हैं। उन्होंने कहा, उन लोगों ने कहा है कि वे बिहार से हैं, लेकिन वे सीमा पार से भी हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि इन लोगों के नाम, पते और अन्य विवरण लिए जाएंगे तथा उस स्थान के अधिकारियों के साथ साझा किए जाएंगे जहां से वे आने का दावा कर रहे हैं।

सरकार मूकदर्शक नहीं बनी रह सकती- सीएम सरमा
मुख्यमंत्री ने कहा, यदि वे उस क्षेत्र के वास्तविक निवासी हैं, तो हमें उनसे कोई परेशानी नहीं है। परंतु वहां के स्थायी निवासी नहीं होने पर स्थानीय अधिकारी कदम उठा सकते हैं। उन्होंने कहा कि उरियमघाट में अतिक्रमणकारियों ने सैकड़ों बीघा वन भूमि पर कब्जा कर रखा है। सरकार मूकदर्शक नहीं बनी रह सकती और हमें आवश्यक कार्रवाई करनी होगी। हम लोगों से सहयोग चाहते हैं। 
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मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय लोगों ने उन्हें बताया है कि अतिक्रमित क्षेत्रों में मादक पदार्थों का उपयोग और चोरी जैसी अवैध गतिविधियां बड़े पैमाने पर चल रही हैं। अब सभी लोग मिलकर इस क्षेत्र को सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर बनाने के लिए काम कर सकते हैं। जमीन साफ होने के बाद स्थानीय युवा संसाधनों का उपयोग करके व्यवसाय शुरू कर सकते हैं। अधिकांश अतिक्रमणकारी पहले ही स्थान छोड़ चुके हैं, तथा शेष लोग भी कानून के अनुसार बेदखली विरोधी अभियान शुरू होने से पहले ही स्थान छोड़ देंगे।

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उन्होंने बताया कि उरियमघाट के अलावा नेग्रिबिल क्षेत्र में भी बेदखली के नोटिस जारी कर दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने उरियमघाट क्षेत्र की सीमा से लगे नगालैंड से सहयोग के बारे में पूछे जाने पर कहा,  पड़ोसी राज्य की एकमात्र चिंता यह है कि बेदखल किए गए लोग उनके राज्य में प्रवेश न करें। जब भी मैंने उनसे अनुरोध किया है, उन्होंने हमेशा हमारी मदद की है। सभी वैष्णव मठ भूमि, चरागाह भूमि को चरणबद्ध तरीके से अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा। हम यह भी नहीं चाहते कि यह आभास हो कि यहां केवल बेदखली हो रही है। अन्यथा, अदालत भी इस बारे में सोचेगी कि क्या हो रहा है।  इसलिए हम योजनाबद्ध और चरणबद्ध तरीके से काम कर रहे हैं।

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