केंद्रीय गृह मंत्रालय के हस्तक्षेप के बाद भी असम और मिजोरम के मुख्यमंत्रियों के बीच चल रहा विवाद थम नहीं रहा है। दोनों मुख्यमंत्री एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। इस बीच असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने बताया कि असम सरकार कल सोमवार (26 जुलाई) को मिजोरम के साथ सीमा पर संघर्ष में मारे गए पुलिसकर्मियों के परिजनों को 50-50 लाख रुपये की आर्थिक मदद प्रदान करेगी। घायलों को एक-एक लाख रुपये दिए जाएंगे। वहीं, सरकार ने घायल एसपी को इलाज के लिए मुंबई भेजा है।
असम मिजोरम सीमा पर हुए हिंसक झड़प को लेकर मुख्यमंत्री सरमा ने कहा, 'यह एक रिजर्व फोरेस्ट एरिया है। सेटेलाइट इमेजिंग की मदद से आप देख सकते हैं कि कैसे कब्जा किया गया है। असम सरकार ने भी अब सुप्रीम कोर्ट जाने का फैसला किया है।'
उन्होंने आगे कहा, 'मैंने छह बार मिजोरम के मुख्यमंत्री को कॉल की जब गोलीबारी हो रही थी (असम-मिजोरम सीमा पर), मैंने मुख्यमंत्री को छह बार फोन किया। उन्होंने 'सॉरी' कहा और मुझे आइजोल में बातचीत के लिए आमंत्रित किया। हमारी जमीन का एक इंच भी कोई नहीं ले सकता। हम अपने क्षेत्र को सुरक्षित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।'
असम सरकार कमांडो की तीन बटालियन बनाएगी: हिमंता बिस्वा सरमा
सरमा ने कहा कि असम सरकार करीमगंज, कछार और हैलाकांडी के लिए 3 कमांडो बटालियन बनाएगी और 3000 कर्मियों की भर्ती करेगी।
यह कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं
मुख्यमंत्री सरमा ने कहा, 'यह कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं है। यह दो राज्यों के बीच सीमा विवाद है। यह लंबे समय से चला आ रहा सीमा विवाद है। उस समय भी विवाद था जब दोनों तरफ कांग्रेस की सरकारें थीं। यह दो राज्यों के बीच का विवाद है, दो राजनीतिक दलों के बीच नहीं।'
उन्होंने आगे कहा कि घटना असम की सीमा पर हुई। हमारी पुलिस मामले की जांच करेगी। इस बात की भी जांच की जाएगी कि लोगों को हथियार कहां से मिले। पांच पुलिसकर्मियों की जान चली गई है।
बता दें कि सोमवार को हिंसक झड़प में असम पुलिस के छह जवान मारे गए थे। इसके बाद असम और मिजोरम दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मामले को सुलझाने की गुहार लगाई। केंद्रीय गृहमंत्रालय के हस्तक्षेप के बाद संवेदनशील इलाकों में सीआरपीएफ की चार टीमें तैनात की गईं। सूत्रों के मुताबिक कई शीर्ष खुफिया अधिकारियों ने सीमा पर पहुंचकर हालात का जायजा भी लिया।
केंद्रीय गृह सचिव असम और मिजोरम के मुख्य सचिव के साथ करेंगे बैठक
सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला असम और मिजोरम के पुलिस बलों के बीच हुई हिंसक घटना को लेकर दोनों राज्यों के मुख्य सचिवों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। यह बैठक नॉर्थ ब्लॉक में बुधवार को होगी।
सीआरपीएफ की चार कंपनियां विवादित स्थल पर तैनात
केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की चार अतिरिक्त कंपनियों को असम-मिजोरम सीमा पर विवादित स्थल पर तैनात किया गया है, जहां दोनों राज्यों की पुलिस कर्मियों के बीच हुए संघर्ष में असम पुलिस के छह पुलिस कर्मी शहीद हो गए थे। सीआरपीएफ के महानिदेशक कुलदीप सिंह ने बताया कि स्थिति नियंत्रण में है और शांतिपूर्ण है। सोमवार को असम-मिजोरम सीमा पर झड़प के बाद हुई फायरिंग से तनाव बढ़ गया था। सीआरपीएफ के हस्तक्षेप से स्थिति को नियंत्रण में लाया गया है।
उन्होंने कहा कि सीआरपीएफ की चार अतिरिक्त कंपनियां क्षेत्र में भेजी गई हैं, दो कंपनियां वहां पहले से मौजूद हैं। वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद हैं। स्थिति शांतिपूर्ण है। सीआरपीएफ डीजी ने कहा कि असम पुलिस विवादित इलाके से पीछे हट गई है, हालांकि मिजोरम पुलिस अपनी अस्थायी चौकियों पर बनी हुई है।