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DGCA: ‘डीजीसीए की जांच के बाद निष्कर्ष निकाले’ अजीत पवार विमान क्रैश मामले पर बोले मुख्यमंत्री फडणवीस

Wed, 11 Feb 2026 04:37 PM IST
अस्मिता त्रिपाठी न्यूज डेस्क, अमर उजाला

सार

रोहित पवार ने मंगलवार को अजित पवार के विमान दुर्घटना से पहले की घटनाओं के क्रम को लेकर कई सवाल उठाए थे। अब इस पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि जांच के बाद हमें निष्कर्ष निकाला चहिए। 
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महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस - फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
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महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार को कहा कि नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए)  उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के विमान दुर्घटना की महत्वपूर्ण जांच कर रही है।  उन्होंने आग्रह किया कि जांच पूरी होने के बाद ही निष्कर्ष निकाले जाएं। फडणवीस ने कहा कि विमान का ब्लैक बॉक्स पहले ही बरामद कर लिया गया है। सभी मोर्चों पर जांच शुरू कर दी गई है। 28 जनवरी को पुणे जिले के बारामती हवाई पट्टी के पास लेयरजेट विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें पवार और चार अन्य लोगों की मौत हो गई। मुख्यमंत्री यहां पत्रकारों से अजीत पवार के भतीजे और विधायक रोहित पवार द्वारा विमान दुर्घटना के संबंध में किए गए दावों और चिंताओं के बारे में पूछे गए एक प्रश्न के जवाब में बात कर रहे थे। 

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भतीजे ने दुर्घटना पर सवाल उठाए थे
रोहित पवार ने मंगलवार को विमान दुर्घटना से पहले की घटनाओं के क्रम को लेकर कई सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके चाचा अजीत पवार की जान लेने वाली इस दुखद घटना में तोड़फोड़ की आशंका है और उन्होंने कई विशेषज्ञ एजेंसियों द्वारा व्यापक जांच की मांग की।

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अगर किसी को कोई संदेह है, तो उसे दूर किया जाना चाहिए
फडणवीस ने कहा, "मैंने व्यक्तिगत रूप से रोहित पवार के बयान नहीं देखे हैं। मुझे इसकी थोड़ी बहुत जानकारी है। मेरा मानना है कि अगर किसी को कोई संदेह है, तो उसे दूर किया जाना चाहिए। इस दृष्टि से, भारतीय कानून के तहत उपलब्ध जांच एजेंसियों ने ऐसे मामलों में अपेक्षित जांच शुरू कर दी है।" मुख्यमंत्री ने कहा कि वह केंद्रीय विमानन मंत्रालय को पत्र लिखने वाले पहले व्यक्ति थे, जिन्होंने उस दुर्घटना की विस्तृत जांच की मांग की थी जिसमें पवार, पायलट, सह-पायलट और दो अन्य लोगों की जान चली गई थी। उन्होंने कहा, "अगर हम अपने नागरिक उड्डयन क्षेत्र में हुई गलतियों या कमियों से सीख सकते हैं, तो हम उन्हें सुधार सकते हैं और इसे नागरिकों और नेताओं दोनों के लिए सुरक्षित बना सकते हैं।"

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