लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा आज लोकसभा में दिए गए भाषण को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने सदन में दिए गए राहुल गांधी के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी और उन पर बेबुनियाद आरोप लगाने का आरोप लगाया।
हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि देश में दो तरह के नेता होते हैं। एक वे जो राजनीतिक व्यवस्था में जिम्मेदारी लेते हैं और अपना जीवन समाज सेवा तथा देश को बदलने में समर्पित कर देते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे नेतृत्व के कारण ही भारत 10वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था से तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में आगे बढ़ा है। केंद्रीय मंत्री ने बिना नाम लिए विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ नेता कभी-कभी देश में आते हैं और जब संसद में उन्हें ठोस जवाब मिलता है या उनकी बातों को समर्थन नहीं मिलता, तो वे सदन छोड़कर चले जाते हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी अपनी ही स्पीच के बाद सदन से चले गए।
'एपस्टीन से एक प्रतिनिधिमंडल के दौरान मुलाकात हुई'
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने स्पष्ट किया है कि एपस्टीन फाइल्स में उनका नाम किसी भी आपराधिक या अनुचित कार्य से जुड़ा नहीं है। उन्होंने बताया कि नवंबर 2014 में वे केवल एक निजी नागरिक थे और उस समय उन्होंने रीड हॉफमैन, लिंक्डइन के संस्थापक, से अमेरिका के वेस्ट कोस्ट में मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने ईमेल में लिखा कि भारत में डिजिटल इंडिया और मेक इन इंडिया जैसी पहलें आ रही हैं और हॉफमैन को भारत आने का निमंत्रण देना चाहिए। पुरी ने कहा कि उनका यह संवाद पूरी तरह भारत की प्रगति और अवसरों से संबंधित था, न कि एपस्टीन द्वारा किए गए अपराधों से।
पुरी ने कहा कि युवा नेताओं को यह समझना चाहिए कि एपस्टीन फाइल्स गलत कामों और आपराधिक अपराधों के बारे में हैं। इसमें ऐसे आरोप शामिल हैं कि एपस्टीन के पास एक आइलैंड था, जहां वह लोगों को अपनी यौन इच्छाओं को पूरा करने के लिए ले जाते थे और इस पर पीड़ितों ने अथॉरिटी वाले लोगों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी बातचीत का इन मामलों से कोई लेना-देना नहीं था।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने एक ईमेल में सवाल उठाया था कि 'मुझे लगता है कि हरदीप पुरी को एपस्टीन से किसने मिलवाया...'। पुरी ने बताया कि ये सभी बातें पब्लिक डोमेन में हैं। तीन मिलियन ईमेल्स जारी किए गए हैं और उनके नाम का केवल 3-4 बार ही उल्लेख हुआ। उन्होंने कहा कि वे मई 2009 से 2017 तक न्यूयॉर्क में भारत के यूएन एम्बेसडर थे और मंत्री बनने के बाद भी कुछ औपचारिक मुलाकातों के दौरान एपस्टीन से जुड़े थे।
पुरी ने बताया कि यूएन में भारत का एम्बेसडर पद छोड़ने के कुछ महीने बाद उन्हें इंटरनेशनल पीस इंस्टिट्यूट में शामिल होने का निमंत्रण मिला। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे आईपीआई का नियमित हिस्सा नहीं थे, लेकिन आईपीआई या आईसीएम के प्रतिनिधिमंडल के रूप में कुछ मौकों पर एपस्टीन से मिले, करीब तीन से चार बार। आईसीएम अंतरराष्ट्रीय मामलों से संबंधित था और एपस्टीन इसका हिस्सा नहीं था।
बजट चर्चा में लगाए आरोप बेबुनियाद
केंद्रीय मंत्री पुरी ने कहा 'आज जब राहुल गांधी बजट पर बोलने आए, उन्होंने कहा कि किसी प्रकार की जकड़न के कारण हमारी अंतरराष्ट्रीय बातचीत दबाव में है। थोड़ा तथ्य जान लें। भारत की GDP का 50% बाहरी क्षेत्र में है यानी निर्यात, आयात और रेमिटेंस। भारत के लिए यह बहुत जरूरी है कि हमारे पास अंतरराष्ट्रीय समझौते और व्यापार समझौते हों। इतनी कम अवधि में कौन सा देश 9 व्यापार समझौते कर पाया है? उन्होंने आगे कहा 'एक उद्योगपति का नाम एपस्टीन फाइल्स में आता है। राहुल गांधी पूछ रहे हैं कि उसे अब तक गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया। लेकिन मुद्दा यह नहीं है कि वह गिरफ्तार हुआ या नहीं। आप इन चीजों को कैसे जोड़ रहे हैं?
संसद में एपस्टीन का जिक्र
बता दें कि राहुल गांधी ने संसद में अपने भाषण के दौरान एपस्टीन फाइल का भी जिक्र किया, जिसके बाद लोकसभा में भारी हंगामा हो गया। स्पीकर के विरोध के बाद राहुल गांधी ने कहा कि ठीक है हम इसपर बात नहीं करेंगे। राहुल गांधी ने साथ ही अडानी और अंबानी पर निशाना भी साधा।
राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन नोटिस लाएंगे : किरेन रिजिजू
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए लोकसभा में बजट चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बयानों पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि सरकार राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन नोटिस लाने जा रही है, क्योंकि उन्होंने सदन को गुमराह किया और बिना आधार के गंभीर आरोप लगाए।
रिजिजू ने कहा कि लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही के लिए स्पष्ट नियम हैं। यदि कोई सदस्य किसी अन्य सदस्य पर गंभीर आरोप लगाना चाहता है, तो उसे पहले नोटिस देना होता है और अपने आरोपों के समर्थन में प्रमाण भी पेश करने होते हैं। बिना नोटिस और बिना प्रमाण के आरोप लगाना नियमों के खिलाफ है।
उन्होंने यह भी कहा कि बजट पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने कोई ठोस और उपयोगी सुझाव नहीं दिया, बल्कि सिर्फ 'बेबुनियाद और जंगली आरोप' लगाए। रिजिजू ने बताया कि उन्होंने राहुल गांधी से कहा था कि जब वित्त मंत्री शाम 5 बजे बजट पर जवाब देंगी, तब वे सदन में मौजूद रहकर अपनी बातों को साबित करें।
रिजिजू ने पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह का जिक्र करते हुए कहा कि 2014 में सरकार छोड़ने से पहले दिए गए उनके भाषण और पीआईबी की आधिकारिक रिलीज में साफ लिखा था कि 2030 के बाद भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस लक्ष्य को 'फास्ट फॉरवर्ड' कर दिया है। भारत अब चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और अगले दो-तीन साल में तीसरे स्थान पर पहुंचने की ओर तेजी से बढ़ रहा है।