महाराष्ट्र सरकार के दो मंत्री सामाजिक न्याय मंत्री संजय शिरसाट और भाजपा की राज्य मंत्री माधुरी मिसाल के बीच इन दिनों तनाव है। संजय शिरसाट (शिवसेना-शिंदे गुट) ने माधुरी मिसाल (भाजपा) द्वारा अधिकारियों के साथ बिना सूचना के बैठक करने पर नाराजगी जताई। इस पर सीएम फडणवीस ने हस्तक्षेप किया।
महाराष्ट्र के सामाजिक न्याय मंत्री संजय शिरसाट और भाजपा की राज्य मंत्री माधुरी मिसाल के बीच अधिकारियों की बैठक को लेकर छिड़े विवाद के बीच महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने अपने कैबिनेट मंत्रियों को सलाह जारी की है। सीएम ने कहा कि सभी मंत्री पत्र युद्ध से दूर रहें। आपस में बात करके समस्या का समाधान करें। इसके बाद भी कठिनाई की स्थिति में मुझसे संपर्क करें।
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सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि किसी को भी पत्र युद्ध नहीं छेड़ना चाहिए। मंत्रियों को आपस में बात करनी चाहिए। अगर उन्हें कोई परेशानी है, तो उन्हें आकर मुझे बताना चाहिए। ताकि हम उसका समाधान कर सकें। आखिरकार कैबिनेट मंत्री और राज्य मंत्री एक ही सरकार का हिस्सा हैं। सारी शक्तियां मंत्री के पास होती हैं। मंत्री जो भी शक्तियां राज्य मंत्रियों को देते हैं, वे राज्य मंत्रियों की होती हैं। इस पर कोई भ्रम नहीं है।
उन्होंने कहा कि यह मानना गलत है कि राज्य मंत्री के पास बैठकें आयोजित करने का अधिकार नहीं है। लेकिन अगर बैठकों में नीतिगत फैसले कैबिनेट मंत्री से सलाह लिए बिना नहीं लिए जा सकते। इसके बाद भी फैसले लिए जाते हैं, तो उन्हें मंत्री की मंजूरी लेनी होगी।
यह है मामला
महाराष्ट्र सरकार के दो मंत्री सामाजिक न्याय मंत्री संजय शिरसाट और भाजपा की राज्य मंत्री माधुरी मिसाल के बीच इन दिनों तनाव है। सामाजिक न्याय विभाग मंत्री संजय शिरसाट (शिवसेना-शिंदे गुट) ने अपनी सहयोगी और विभाग की राज्य मंत्री माधुरी मिसाल (भाजपा) द्वारा अधिकारियों के साथ बिना सूचना के बैठक करने पर नाराजगी जताई थी।
मिसाल ने इस पर पलटवार करते हुए कहा कि यह उनका अधिकार क्षेत्र है और वह आगे भी ऐसी बैठकें करती रहेंगी। मामले में राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा था कि मुख्यमंत्री कैबिनेट मंत्रियों और उनके कनिष्ठों के बीच उनके संबंधित विभागों में सत्ता के बंटवारे के मुद्दे पर विचार करेंगे।