दरअसल, महाराष्ट्र सरकार में शामिल डिप्टी सीएम अजित पवार मंगलवार को मुंबई में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में शामिल नहीं हुए। इसके बाद से राज्य का सियासी पारा बढ़ गया है।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार रात नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से उनके आवास पर मुलाकात की। सूत्रों के मुताबिक, शाह के साथ मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं ने कैबिनेट विस्तार पर चर्चा की।
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महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ गठबंधन में मनमुटाव की खबरों के बीच यह बैठक हुई है। दरअसल, शिंदे सरकार में शामिल डिप्टी सीएम अजित पवार मंगलवार को मुंबई में हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में शामिल नहीं हुए। इसके बाद से राज्य का सियासी पारा बढ़ गया है। कयास लगाए जा रहे हैं कि अजित नाराज चल रहे हैं।
गौरतलब है कि अजित पवार ने अपने चाचा और एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार के खिलाफ बगावत करते हुए शिंदे के नेतृत्व वाली सरकार में शामिल हो गए थे। उन्होंने एनसीपी के दो-तिहाई से अधिक विधायकों के समर्थन का दावा किया था। पवार का कहना है कि उनका गुट ही असली एनसीपी है। शरद पवार के नेतृत्व वाले गुट ने एनसीपी और पार्टी के चुनाव चिन्ह पर अजित पवार के दावों का विरोध किया है, और चुनाव आयोग का रुख किया है। चुनाव आयोग शुक्रवार को एनसीपी के दोनों गुटों की अर्जी पर सुनवाई कर सकता है।
अर्चना गौतम को कांग्रेस ने छह साल के लिए पार्टी से निकाला
इधर, बिग बॉस से मशहूर हुईं कांग्रेस नेता अर्चना गौतम को पार्टी ने अनुशासनहीनता के कारण छह साल के लिए पार्टी से निलंबित कर दिया है। कांग्रेस का कहना है कि अर्चना को अनुशासनहीनता के मामले में नोटिस दिया गया था, लेकिन छह माह बीत जाने के बावजूद उन्होंने नोटिस का जवाब नहीं दिया। इसलिए उन्हें पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया गया है।
बता दें, तीन दिन पहले अर्चना गौतम और उनके पिता के साथ दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय के बाहर धक्का-मुक्की का मामला सामने आया था। टीवी कलाकार ने शुक्रवार दोपहर को पार्टी मुख्यालय में प्रवेश करने की कोशिश की थी। उन्होंने कहा कि वह संसद में महिला विधेयक पारित होने पर बधाई देने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा से मिलना चाहती थीं। अर्चना ने इस मामले में पार्टी कार्यकर्ताओं पर बदसलूकी का आरोप लगाया था। इस घटना के अगले दिन शनिवार को यूपी कांग्रेस ने उन्हें पार्टी से छह साल के लिए निलंबित कर दिया। अर्चना 2022 में मेरठ से कांग्रेस के टिकट पर विधानसभा का चुनाव भी लड़ चुकी हैं।