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पुणे में बच्ची से दरिंदगी पर सियासत: कांग्रेस ने CM फडणवीस से मांगा इस्तीफा, सुप्रिया सुले ने फांसी की मांग की

Sat, 02 May 2026 08:44 PM IST
Pavan न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई / पुणे

सार

Politics On Pune Case: महाराष्ट्र के पुणे में नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या के मामले में कांग्रेस ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर करारा हमला बोला है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने उनसे गृह मंत्री का पद छोड़ने के साथ-साथ वारदात को महाराष्ट्र की छवि पर धब्बा बताया है।
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हर्षवर्धन सपकाल ने मांगा सीएम फडणवीस से इस्तीफा - फोटो : ANI
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विस्तार
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महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने पुणे जिले में चार साल की बच्ची से दुष्कर्म और हत्या की घटना पर राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के गृह मंत्री पद से इस्तीफे की मांग की। सपकाल ने इस घटना को महाराष्ट्र की छवि पर धब्बा बताया। सपकाल ने प्रेस वार्ता में कहा कि फडणवीस को प्रायश्चित के तौर पर गृह मंत्री पद से इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्णकालिक गृह मंत्री की अनुपस्थिति ने अपराधियों को बढ़ावा दिया है और गृह विभाग में भ्रष्टाचार व्याप्त है।
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शुक्रवार को वारदात, बुजुर्ग आरोपी गिरफ्तार
बता दें कि, यह वारदात शुक्रवार को पुणे के भोर तहसील में हुई थी। इस संबंध में आपराधिक रिकॉर्ड वाले एक 65 वर्षीय व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने बताया कि आरोपी मजदूर ने बच्ची को खाने का लालच देकर पशु बाड़े में ले जाकर दुष्कर्म किया और पत्थर से मारकर हत्या कर दी।
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कानून व्यवस्था पर उठाए सवाल
कांग्रेस नेता ने महिलाओं के खिलाफ दुष्कर्म, उत्पीड़न और लापता होने जैसे कई अपराधों का हवाला दिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य में कानून प्रवर्तन मशीनरी कमजोर हो गई है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि नशीले पदार्थों की तस्करी खुलेआम हो रही है। इससे युवा नशे की लत की ओर धकेले जा रहे हैं।

एनसीपी-एसपी नेताओं ने कड़ी सजा की मांग की
नस्रापुर दुष्कर्म और हत्या मामले पर एनसीपी-एससीपी सांसद सुप्रिया सुले ने कहा, '...इस जघन्य अपराध को अंजाम देने वाले व्यक्ति को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। हम मांग करते हैं कि इस मामले की त्वरित सुनवाई हो और उसे जल्द से जल्द फांसी दी जाए... महाराष्ट्र सरकार और पुलिस से हमारा सवाल है कि अगर इस व्यक्ति के खिलाफ दो मामले दर्ज थे, तो वह जमानत पर बाहर क्यों था?... अगर उसे पहले फांसी दे दी जाती, तो शायद दो बच्चों की जान बच सकती थी... जब उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री थे, तब उन्होंने एक बहुत अच्छा सुझाव दिया था, 'शक्ति अधिनियम' (शक्ति आपराधिक कानून संशोधन विधेयक)। हमने यह प्रस्ताव दिल्ली को भी भेजा था, लेकिन दिल्ली सरकार ने कुछ नहीं किया। अगर वह अधिनियम लागू हो गया होता, तो इस व्यक्ति को पहले ही फांसी दे दी गई होती... हम इस मामले का राजनीतिकरण नहीं करना चाहते। हम बस उस लड़की के लिए न्याय चाहते हैं।'
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वहीं,एनसीपी (एसपी) नेता और पूर्व राज्य मंत्री जयंत पाटिल ने इस घटना को दिल दहला देने वाला बताया। उन्होंने इसे समाज के लिए शर्मनाक करार दिया और कहा कि अपराध ने लोगों को व्यथित कर दिया है। पाटिल ने आरोपी के लिए कड़ी से कड़ी सजा की मांग की। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सामूहिक जिम्मेदारी है।

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