हिंसाग्रस्त मणिपुर के मुख्यमंत्री एन.बीरेन सिंह ने शुक्रवार को एक बार फिर दावा किया है कि मणिपुर सरकार का तात्कालिक उद्देश्य संघर्षग्रस्त राज्य में शांति और सामान्य स्थिति बहाल करना है। वे यहां सचिवालय में आयोजित सद्भावना दिवस नामक एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने राज्य के सरकारी कर्मचारियों और आम जनता से एक साथ आने की अपील की। साथ ही हिंसा के कारण पिछले चार महीनों में राज्य को हुए नुकसान की भरपाई के लिए कड़ी मेहनत करने की अपील की। उल्लेखनीय है कि राज्य में कुकी और मैतेई समुदायों के बीच हिंसा के कारण तीन मई से राज्य में अशांति है।
मणिपुर के मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में शांति और सामान्य स्थिति की बहाली "इस समय मुख्य फोकस" होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि मणिपुर को एकता और विकास के पथ पर आगे बढ़ने की जरूरत है, जिस पर वह पिछले छह वर्षों से आगे बढ़ रहा है। इससे पहले, मणिपुर के मुख्यमंत्री ने दावा किया था कि राज्य में हिंसा जातीय झड़पें और बड़े पैमाने पर हिंसा गलतफहमियों और विदेशियों साजिशों का परिणाम है। मणिपुर के मुख्यमंत्री ने दावा किया कि निहित स्वार्थ पूर्वोत्तर राज्य को अस्थिर करने की कोशिश कर रहे हैं।
अलग डीजीपी और सीएस' की मांग पर बीरेन सिंह ने दी प्रतिक्रिया
वहीं, मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने राज्य के दस कुकी-ज़ोमी विधायकों की पहाड़ी जिलों के लिए 'अलग मुख्य सचिव और डीजीपी' की मांग पर प्रतिक्रिया दी।उन्होंने कहा है कि लोकतंत्र में कोई भी कुछ भी कह सकता है।
बता दें कि हिंसा ग्रस्त मणिपुर के दस कुकी-ज़ोमी विधायकों ने हाल ही में प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी को ज्ञापन भेजा है। इसमें उन्होंने मणिपुर के दस कुकी-ज़ोमी विधायकों ने राज्य के पहाड़ी जिलों के लिए अलग डीजीपी और मुख्य सचिव आवंटित करने की मांग की है।
हिंसा से बचने के लिए म्यांमार गए 200 से अधिक मैतेई वापस मणिपुर लौटे
वहीं, मणिपुर में तीन मई को शुरू हुई जातीय हिंसा से बचने के लिए पड़ोसी देश म्यांमार में चले गए 200 से अधिक मैतेई तीन महीने से अधिक समय के बाद सुरक्षित लौट आए। मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी। उन्होंने मैतेई लोगों को वापस लाने में सेना की भूमिका की सराहना की। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि 212 भारतीय नागरिक (सभी मेइती) जो तीन मई को मणिपुर के मोरे शहर में हिंसा के बाद सीमा पार कर म्यांमार चल गए थे, सुरक्षित भारतीय धरती पर वापस आ गए हैं।