महाभारत काल में इंटरनेट होने का दावा कर हाल के दिनों में सुर्खियां बटोरने वाले त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब ने एक बार फिर एक अनूठा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि मेकैनिकल इंजीनियरों को सिविल सेवा में नहीं जाना चाहिए, लेकिन सिविल इंजीनियरों को ऐसा करना चाहिए। यहां सिविल सेवा दिवस पर आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने यह बात कही।
देब ने कहा कि पहले आर्ट्स की पढ़ाई करने वाले सिविल सेवा में जाते थे। उसके बाद डॉक्टर व इंजीनियर इनमें जाने लगे। लेकिन मेकैनिकल इंजीनियरों को सिविल सेवाओं में नहीं जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सिविल इंजीनियर ऐसा कर सकते हैं। इसकी वजह है कि समाज के निर्माण में प्रशासन में उनकी भूमिका और ज्ञान काफी उपयोगी होगा।
अभी दो दिन पहले देब ने सौंदर्य प्रतियोगिताओं पर सवाल उठाते हुए कहा था कि यह सब पूर्व नियोजित होता है और इन पर मार्केटिंग माफिया का कब्जा है। उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को चुनौती देते हुए कहा कि तीन साल में त्रिपुरा विकास के मामले में बंगाल को पीछे छोड़ देगा।