मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रविवार शाम को सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव को 403 प्रत्याशियों की सूची सौंप दी। वहीं, प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव अब तक 175 प्रत्याशी घोषित कर चुके हैं। शेष प्रत्याशी दो-तीन दिन में घोषित करने की तैयारी में हैं। गेंद अब मुलायम सिंह के पाले में हैं। टिकट वितरण पर बीच का रास्ता नहीं निकाला गया तो समानांतर उम्मीदवार भी उतारे जा सकते हैं।
एक सीट पर दो-दो उम्मीदवारों के आने से सपा में घमासान की भूमिका तैयार हो रही है। अखिलेश यादव लंबे से टिकट वितरण का अधिकार मांग रहे थे। उनका तर्क था कि 2017 में परीक्षा उन्हीं की होनी है इसलिए प्रत्याशी चयन में उनकी राय को तवज्जो दी जाए। इस मुद्दे पर सपा मुखिया ने अभी तक अपनी राय स्पष्ट नहीं की थी।
वहीं उनके निर्देश पर शिवपाल लगातार उम्मीदवारों की घोषणा कर रहे हैं, टिकटों में बदलाव हो रहे थे। पिछले दिनों एक दर्जन ऐसे प्रत्याशियों के टिकट बदल दिए गए हैं जो मुख्यमंत्री के नजदीकी माने जाते रहे हैं।
अखिलेश के करीबी समझे जाने वाले कई जिलाध्यक्षों को भी हटा दिया गया है। सपा मुखिया को माफीनामा देने के बावजूद चार एमएलसी समेत सीएम की युवा टीम के निष्कासित नेताओं को पार्टी में वापसी नहीं हो सकी है।