अशोक यादव ने क्लिंटन के दौरे को याद करते हुए अमर उजाला से कहा कि उन्होंने क्लिंटन सरकार के अधिकारियों से बातचीत कर उनकी प्राथमिकताएं समझते हुए उनकी हर सुख-सुविधा का ख्याल रखा था जिससे क्लिंटन काफी प्रभावित हुए थे।
उन्होंने बताया कि अमेरिकी प्रशासन के अधिकारियों ने ताजमहल देखने के पहले पूरे परिसर को अपने अधिकार में ले लिया था। वे हर विषय पर अधिकारपूर्वक भारतीय अधिकारियों से सवाल कर रहे थे। ताज को देखने के समय कौन कहां रहेगा, यह भी वे ही तय कर रहे थे। इसका उन्होंने यह कहते हुए विरोध किया था कि ताजमहल उनके देश का है और यहां की प्राथमिकताएं तय करने का अधिकार उनके पास है।
अपने अधिकारियों के भारतीय अधिकारियों से उग्र स्वभाव में बात करने की यह बात स्वयं अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन को भी पता चल गईं। ताजमहल का दीदार करने के बाद उन्होंने अशोक यादव से उनके स्वाभिमानी व्यवहार की काफी तारीफ भी की थी।
अशोक यादव बताते हैं कि बेहतरीन वक्ता और प्रभावशाली व्यक्तित्व के धनी क्लिंटन दूसरे लोगों की भावनाओं का सम्मान करना जानते थे। यही कारण रहा कि अटल बिहारी वाजपेयी के समय की उनकी यात्रा बेहद सफल रही।
पीएम मोदी ने बढ़ाया भारत का सम्मान
अशोक यादव बताते हैं कि उस वक्त से आज के वक्त में यह बड़ा परिवर्तन आया है कि अब दुनिया का कोई भी देश हमसे आंख दिखाकर बात नहीं करता। बल्कि वह बराबरी और सम्मान की भाषा में बात करता है। उनके मुताबिक यह बड़ा बदलाव लाने का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जाता है जिनके प्रयासों के कारण पूरी दुनिया में भारत की साख मजबूत हुई है।