डॉक्टर ने कहा कि प्रबंधन की दलील है कि यदि लोगों को यह पता चल गया कि क्लिनिक में कोरोनावायरस के संदिग्ध मरीज आ रहे हैं तो कोई भी इलाज कराने नहीं आएगा। निजी स्वास्थ्य क्लिनिक के प्रबंधन की ओर से इस मामले पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि त्रिशूर के जिला चिकित्सा अधिकारी (डीएमओ) ने कलक्टर से शीनू श्यामलन की शिकायत की थी और आरोप लगाया था कि श्यामलन स्वास्थ्य अधिकारियों को बदनाम कर रही हैं। सूत्रों ने कहा कि डीएमओ ने कलक्टर को सूचित किया था कि श्यामलन से मरीज के बारे में जानकारी मिलने के बाद स्वास्थ्य अधिकारियों ने मरीज को विदेश जाने से रोकने की कोशिश की थी।