सार
कॉप 30 के अध्यक्ष आंद्रे कोरेया डू लागो ने कहा है कि जलवायु परिवर्तन से मुकाबले के लिए विकसित और विकासशील देशों के बीच सहयोग बेहद जरूरी है। ब्राजील के बेलेम में नवंबर में होने वाले सम्मेलन से पहले उन्होंने भारत और ब्राजील के मजबूत साझेदारी की प्रशंसा की। लागो ने कहा कि वैश्विक बहुपक्षवाद में विश्वास लौटाना कॉप 30 का प्रमुख लक्ष्य होना चाहिए और भारत की सौर ऊर्जा में अग्रणी भूमिका की भी सराहना की।
कॉप 30 के अध्यक्ष आंद्रे कोरेया डू लागो ने सोमवार को चेतावनी दी कि आपसी सहयोग के बगैर जलवायु परिवर्तन पर कार्रवाई बहुत मुश्किल है। उन्होंने कहा कि अब वक्त बेहद कम है। विकसित और विकासशील देशों के बीच राजनीतिक और वित्तीय खाई पाटने की जरूरत है। ब्राजील के बेलेम में 10 से 21 नवंबर तक होने वाले संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन 2025 के मद्देनजर लागो ने ये बातें कहीं। उन्होंने कहा कि कॉप 30 का पहला लक्ष्य वैश्विक स्तर पर बहुपक्षवाद में भरोसा वापस लाने का होना चाहिए।
लागो ने कहा, जी-20 के संदर्भ में ब्राजील ने भारत का अनुसरण किया और मुझे लगता है कि दुनिया को भारत और ब्राजील जैसे विकासशील देशों के नजरिए से खुद को देखना शुरू करना होगा। हमारा यह सहयोग अच्छी तरह काम कर रहा है और हमें इसे और मजबूत करना होगा। अगर भारत कॉप 33 की मेजबानी करता है तो यह शानदार होगा। लागो ने सौर ऊर्जा में भारत की अगुवाई की सराहना की और कहा कि ब्राजील भी इसमें तेजी से आगे बढ़ रहा है। भारत व ब्राजील कई अन्य हरित तकनीकों पर भी साथ काम कर रहे हैं।
ये भी पढ़ें:- Spicejet: विमान में यात्री को दिया सिर्फ एक बर्गर और फ्राइज, उपभोक्ता आयोग ने लगाया 55 हजार रुपये जुर्माना
भारत-ब्राजील के हालात अलग लेकिन लक्ष्य साझा
लागो ने कहा कि भारत व ब्राजील के हालात अलग हैं, पर दोनों के उद्देश्य समान हैं। दोनों मिलकर विकास की दिशा में काम कर रहे हैं। उदाहरण के लिए, जैव ईंधन एक ऐसी चीज है जिस पर हम साथ मिलकर काम कर रहे हैं। हम कई अन्य स्रोतों से भी जैव ईंधन बना सकते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे समाधान महंगे हो सकते हैं और इन्हें किफायती बनाने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग की जरूरत है।
केंद्रीय मंत्री ने भारत की पहलों की दी जानकारी
पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने कॉप30 शिखर सम्मेलन को लेकर अध्यक्ष लागो से बात की। यादव ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि उन्होंने लागो को जलवायु परिवर्तन से निपटने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में की गई पहलों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भारत समग्र सरकारी दृष्टिकोण सेे घरेलू और अंतरराष्ट्रीय जलवायु कार्रवाई कार्यक्रमों के जरिए जलवायु परिवर्तन संकट का मुकाबला कर रहा है।
ये भी पढ़ें:- Supreme Court: शिक्षकों के नौकरी में बने रहने के लिए टीईटी अनिवार्य, सुप्रीम कोर्ट ने जारी किए अहम निर्देश
ट्रंप की जलवायु वार्ता से अलग होने पर आलोचना
कॉप 30 के अध्यक्ष लागो ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की जलवायु वार्ता में शामिल होने के प्रति अनिच्छा की भी खासी आलोचना की। उन्होंने कहा, हम समझते हैं कि ट्रंप हमारी बात नहीं सुनेंगे। वह विशिष्ट देशों के उत्सर्जन के बारे में बात ही नहीं करना चाहते हैं। भारत में ब्राजील के राजदूत केनेथ फेलिक्स हैक्जिंस्की दा नोब्रेगा ने कहा कि जलवायु परिवर्तन जैसी वैश्विक चुनौतियों से निपटने में ब्राजील और भारत की बड़ी जिम्मेदारी है। जलवायु संकट के समाधान और रास्तों के संदर्भ में दोनों के पास दुनिया को देने के लिए बहुत कुछ है। हम कॉप30 की कामयाबी के लिए भारत के समर्थन पर पूरी तरह से भरोसा कर रहे हैं।