जलवायु परिवर्तन दुनिया भर में बारिश के पैटर्न को और अधिक अस्थिर व असामान्य बना रहा है। बारिश में बदलाव का असर वायनाड जिले में देखा जा सकता है, जहां अतिवृष्टि के चलते भूस्खलन की घटनाओं में 300 से अधिक लोगों की जान चली गई है। जलवायु वैज्ञानिकों का मानना है कि अरब सागर के गर्म होने से बादलों के बनने में इजाफा हो रहा है जिससे कम समय में अत्यधिक बारिश हो रही है। जलवायु मॉडल ने इस बात का भी पूर्वानुमान लगाया है कि जलवायु परिवर्तन के कारण यह बदलाव और भी भयावह हो जाएगा। शोध के निष्कर्षों से पता चलता है कि पिछले 100 वर्षों में बारिश के पैटर्न में पहले से बहुत ज्यादा बदलाव आया है।
75 फीसदी से अधिक हिस्सों में बारिश के बदलाव में वृद्धि
1900 के दशक 75 फीसदी से अधिक हिस्सों में बारिश के बदलाव में वृद्धि हुई है। दुनिया भर में बारिश का पैटर्न बदला है। यह बदलाव काफी हद तक मानवजनित ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन का परिणाम है। इसकी वजह से एक गर्म और अधिक नमी वाले वातावरण का निर्माण हुआ जिसके कारण तीव्र बारिश की घटनाओं और उनके बीच अधिक उतार-चढ़ाव पैदा हुआ।