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Maharashtra: केरल के बाद ठाणे में छात्र ने की आत्महत्या, स्कूल के पास पेड़ से लटककर दी जान

Mon, 03 Feb 2025 12:21 PM IST
श्वेता महतो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

मृतक छात्र पालघर जिले के जवाहर तालुका के खैरेपाड़ा  का रहने वाला था। वह एक सहायता प्राप्त ट्राइबल आश्रम स्कूल का छात्र था। घटना की जानकारी पाकर पुलिस मौके पर पहुंची।
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पुलिस (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : ANI
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विस्तार
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महाराष्ट्र के ठाणे में कक्षा दसवीं के एक छात्र ने इंस्टीट्यूट के पास एक पेड़ से लटककर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने सोमवार को इस घटना की जानकारी दी। शनिवार को कुछ राह चलते लोगों ने छात्र के शव को पेड़ से लटकते हुए देखा। उन्होंने तुरंत इसकी जानकारी पुलिस को दी। हालांकि, अभी तक आत्महत्या करने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। पुलिस ने मृतक की उम्र नहीं बताई। 
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मृतक छात्र पालघर जिले के जवाहर तालुका के खैरेपाड़ा  का रहने वाला था। वह एक सहायता प्राप्त ट्राइबल आश्रम स्कूल का छात्र था। घटना की जानकारी पाकर पुलिस मौके पर पहुंची। उन्होंने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने फिलहाल दुर्घटनावश मौत का मामला दर्ज किया। मामले की जांच जारी है। 

केरल में रैगिंग के कारण छात्र ने की आत्महत्या
केरल के एक स्कूल में बलपूर्वक परेशान किए जाने के कारण एक छात्र के आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान मिहिर अहमद के तौर पर की गई है, जो नौवीं कक्षा का छात्र था। आत्महत्या के बाद मृतक छात्र की मां ने मुख्यमंत्री और राज्य पुलिस प्रमुख के समक्ष शिकायत दर्ज कराई, जिसमें आरोप लगाया गया कि स्कूल में रैगिंग के कारण उसके बेटे ने आत्महत्या कर ली। मां की शिकायत के अनुसार, बेटे के दोस्तों से मिली जानकारी और सोशल मीडिया संदेशों के माध्यम से पता चला है कि उसके साथ कथित तौर पर रैगिंग और शारीरिक उत्पीड़न किया गया था।
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इस घटना पर लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इसके लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए उन्होंने कहा, मिहिर अहमद की दुखद मौत से उनके परिवार के प्रति मेरी गहरी संवेदना है। किसी भी बच्चे को वह नहीं सहना चाहिए, जो मिहिर ने झेला। स्कूल बच्चों के लिए सुरक्षित स्थान होना चाहिए, फिर भी मिहिर को लगातार यातनाएं सहनी पड़ीं। इसके लिए जिम्मेदार लोगों (प्रताड़ित करने वालों और कार्रवाई करने में विफल रहने वालों) को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। बता दें कि केरल के सामान्य शिक्षा मंत्री वी. शिवनकुट्टी ने शुक्रवार को सामान्य शिक्षा निदेशक (डीजीई) को 15 जनवरी को छात्र की कथित आत्महत्या के मामले में व्यापक जांच करने का निर्देश दिया।
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