राज्यसभा की कार्यवाही सोमवार को बार-बार बाधित होती रही। शाम 5 बजकर 15 मिनट जब सदन की कार्यवाही एक बार फिर शुरू हुई तो संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष, खासकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि विपक्ष जानबूझकर कर चर्चा नहीं होने दे रहा है।
मल्लिकार्जुन खरगे ने क्या कहा?
रिजिजू ने विपक्ष पर क्या आरोप लगाया?
रिजिजू ने कहा कि कांग्रेस लंबे समय से पेपर लीक और छात्रों के भविष्य को लेकर चर्चा की मांग करती रही है, लेकिन अब जब सरकार ‘पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) संशोधन विधेयक’ जैसे महत्वपूर्ण विधेयक पर चर्चा कराने को तैयार है, तब विपक्ष सदन नहीं चलने दे रहा है। रिजिजू ने कहा कि सरकार ने लोकसभा और राज्यसभा, दोनों में चर्चा के लिए समय निर्धारित कर दिया है।
रिजिजू ने विपक्ष से क्या कहा?
संसदीय कार्यमंत्री ने खरगे से कहा कि वह वरिष्ठ नेता हैं और कांग्रेस सांसदों को इस तरह का व्यवहार न करने की सलाह दें। देश के युवा इस कार्यवाही को देख रहे हैं और वे पेपर लीक जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर चर्चा सुनना चाहते हैं। रिजिजू ने यह भी कहा कि लोकसभा में सरकार ने वक्ताओं की सूची तक जारी कर दी है, लेकिन वहां भी कांग्रेस के सदस्य हंगामा कर रहे हैं। उन्होंने विपक्ष से कहा कि इस तरह के रवैये से सबसे अधिक नुकसान उसी का होगा।
अब संसद में चर्चा होनी चाहिए,
उन्होंने दोहराया कि प्रधानमंत्री पहले ही इस मुद्दे पर आवश्यक कदम उठा चुके हैं और अब संसद में चर्चा होनी चाहिए, लेकिन विपक्ष उसे होने नहीं दे रहा। वहीं नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने संसदीय कार्यमंत्री की इन बातों का खंडन किया। उन्होंने कहा कि छात्रों पर बल प्रयोग किया गया। उन्होंने कहा की वे चर्चा को तैयार हैं, लेकिन वह छात्रों पर बल प्रयोग का मुद्दा उठाते रहे। खड़गे जब अपनी बात रख रहे थे तो राज्यसभा में जबरदस्त हंगामा शुरू हो गया और उपसभापति ने सदन की कार्यवाही मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दी।