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दावा: चीन में उइगरों के साथ वैसा ही सलूक, जैसा अलकायदा गैर मुस्लिमों के साथ करता है

Tue, 03 Nov 2020 01:02 AM IST
Kuldeep Singh एजेंसी, नई दिल्ली
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चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग (फाइल फोटो) - फोटो : PTI
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चीन की सरकार उइगर मुस्लिमों के साथ वैसा ही व्यवहार कर रही है, जैसा आतंकी संगठन अल कायदा गैर मुस्लिमों के साथ करता है। अल्बानिया के इतिहासकार ओल्सी जज्जी ने कहा, शिनजियांग प्रांत में उइगर मुस्लिमों का विश्वास और जनसांख्यिकी बदलने पर चीन आमादा है।

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अल्बानिया के इतिहासकार ने खोली चीन की पोल, शिविरों की हकीकत भी की बताई 
2019 में अपने शिनजियांग दौरे का जिक्र करते हुए जज्जी ने कहा, ब्रेनवाशिंग और जेल में डालने के अलावा हान चीनियों द्वारा बड़े पैमाने पर उइगर मुस्लिमों को अलग बसाया जा रहा है। इसका मकसद मुस्लिम बहुल प्रांत की जनसांख्यिकी को बदलना है। जब मैं शिनजियांग में था तो मैंने देखा कि चीनी मुस्लिमों के साथ क्या करते हैं। मैंने उनसे कहा कि तालिबान, अल कायदा और उनमें कोई अंतर नहीं है। वे वही कर रहे हैं, जो यह संगठन गैर मुस्लिमों के साथ करते हैं। ओल्सी ने बताया कि चीनी सरकार की मंशा उइगर मुस्लिमों को कनफ्यूशीवाद और बौद्ध संस्कृति में परिवर्तित करना है। 

ओल्सी के मुताबिक, चीनी सरकार ने श्वेत पत्र में खुले तौर पर कहा है कि इस्लाम एक विदेशी धर्म है और उइगरों का वास्तविक धर्म बौद्ध है। चीनी सरकार उन्हें जबरन बौद्ध धर्म अपनाने पर मजबूर करती है। उइगरों को शिविर में रखने की हकीकत बयां करते हुए ओल्सी ने कहा, जब आप इन शिविरों को बाहर से देखते हैं तो सब अच्छा नजर आता है। आपको विकास दिखता है और लोग काम करते नजर आते हैं, लेकिन हकीकत इससे एकदम उलट है।
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यहां लोगों को धार्मिक पहचान बदलने को मजबूर किया जाता है। शिविर में शी जिनपिंग जिंदाबाद, कम्युनिस्ट पार्टी जिंदाबाद के नारे लगवाए जाते हैं। उन्हें अपनी पैतृक भाषा की जगह चीनी बोलने को कहा जाता है। ऐसा सिर्फ उइगरों के साथ नहीं बल्कि शिनजियांग के हर मुस्लिम के साथ किया जाता है।

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