कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के शनिवार को प्रस्तावित प्रदर्शन के मद्देनजर कई ट्रेनों को रद्द करने और उनके समय में बदलाव किए जाने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नई दिल्ली जाने वाले कई यात्री रास्ते में फंस गए हैं। यात्रियों ने रेलवे के फैसले पर नाराजगी जताते हुए कहा कि इससे उनकी यात्रा और रोजमर्रा की योजनाएं प्रभावित हो रही हैं।
जम्मू रेलवे स्टेशन पर ट्रेन का इंतजार कर रहे एक यात्री ने कहा, "देखिए, यहां कितनी अफरा-तफरी मची हुई है। लोगों को परेशानी हो रही है और सभी फंसे हुए हैं। जिन्हें अपने-अपने गंतव्य तक पहुंचना है, वे यहां अटके हुए हैं।" एक महिला ने सीजेपी पर राजनीतिक आधार मजबूत करने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उसने दावा किया कि पार्टी को बाहरी समर्थन मिल रहा है।
महिला यात्री ने सीजेपी के प्रदर्शन पर लगाए क्या आरोप?
महिला ने कहा, "सीजेपी अपना राजनीतिक आधार बनाने की कोशिश कर रही है, ठीक वैसे ही जैसे आम आदमी पार्टी ने शुरुआत में किया था। मेरा मानना है कि कोई बाहरी पक्ष उनका समर्थन कर रहा है, जो देश को अस्थिर करना और बांटना चाहता है। ये बाहरी ताकतें इस प्रदर्शन की आड़ में अपने मकसद पूरे करना चाहती हैं।" वहीं, कई यात्रियों ने ये भी शिकायत की है कि उन्हें ट्रेनें रद्द होने की जानकारी नहीं मिली है।
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भी यात्रियों ने जताई नाराजगी
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर मौजूद एक यात्री ने प्रदर्शन के कारण आम लोगों को हो रही परेशानी पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा, "प्रदर्शन के कारण आम लोगों को परेशानी हो रही है। यातायात जाम है, मेट्रो और ट्रेनें बंद की जा रही हैं। यह सही नहीं है।" एक अन्य यात्री ने बताया कि गुरुग्राम से नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंचने के लिए उसे अपना सामान्य रास्ता छोड़ना पड़ा। उसने गूगल मैप्स की मदद से वैकल्पिक रास्ता चुना, क्योंकि नियमित मार्ग पर भारी यातायात जाम दिख रहा था।
ट्रेनों के रद्द होने से छात्रों और यात्रियों की योजनाएं प्रभावित
एक युवक ने कहा कि उसने खबर देखी है कि शनिवार सुबह चार बजे से दोपहर दो बजे तक सभी ट्रेनें रद्द रहेंगी। उसके मुताबिक, शुक्रवार को भी कई ट्रेनों को रद्द किया गया या उनके मार्ग में बदलाव किया गया है। युवक ने कहा, "इसका भारत में लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर बड़ा असर पड़ रहा है। छात्रों की कक्षाओं का समय, उनकी योजनाएं और कार्यक्रम बदलने पड़ रहे हैं। इससे काफी परेशानी हो रही है। हमें नहीं पता कि सरकार इन समस्याओं को समझती भी है या नहीं।"
उन्होंने कहा कि इन दिनों ट्रेन टिकट बुक करना पहले ही मुश्किल हो गया है। तत्काल टिकट मिलना कठिन है और सामान्य टिकट बुक करने में भी परेशानी होती है। युवक ने कहा, "जब कोई इतनी मुश्किल से टिकट बुक कर पाता है और ट्रेन में सवार होता है, तो ट्रेन रद्द हो जाती है। इसके लिए किसी न किसी की जवाबदेही तय होनी चाहिए।"
कानपुर से दिल्ली जाने के लिए बस और ट्रेन का सहारा
कानपुर रेलवे स्टेशन पर मौजूद एक यात्री ने बताया कि ट्रेनों के रद्द होने और उनके समय में बदलाव के कारण उसे अपनी यात्रा अलग-अलग हिस्सों में पूरी करनी पड़ेगी। उसने कहा, "मैं अभी दिल्ली जाने की कोशिश कर रहा था, लेकिन अब कानपुर से दिल्ली के लिए कोई ट्रेन उपलब्ध नहीं है। मुझे अपनी यात्रा को अलग-अलग हिस्सों में बांटना पड़ेगा। पहले मैं बस से 50 से 60 किलोमीटर की दूरी तय करूंगा और फिर वहां के रेलवे स्टेशन से अगली उपलब्ध ट्रेन पकड़ूंगा।"