ब्रिक्स देशों के बीच कारोबार और निवेश बढ़ाने के लिए सीजेआई जस्टिस सूर्यकांत ने न्यायिक सहयोग मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने कारोबारी विवादों के लिए मध्यस्थता और सुलह का साझा मंच बनाने का प्रस्ताव रखा। जस्टिस सूर्यकांत ने क्या कहा, पढ़िए रिपोर्ट-
ब्रिक्स के चीफ जस्टिस फोरम में सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) जस्टिस सूर्यकांत ने आपसी सहयोग और संबंधों को बेहतर बनाने में न्यायपालिका की भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कमर्शियल विवादों को सुलझाने के लिए मध्यस्थता और सुलह-समझौता के लिए एक साझा मंच बनाने का प्रस्ताव भी रखा।
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सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को ब्रिक्स चीफ जस्टिस फोरम का आयोजन किया। इसमें ब्रिक्स सदस्य देशों और सहयोगी देशों के मुख्य न्यायाधीश, सुप्रीम कोर्ट के अध्यक्ष और वरिष्ठ न्यायिक अधिकारी शामिल हुए। सीजेआई जस्टिस सूर्यकांत ने न्यायिक प्रतिनिधिमंडलों के प्रमुखों के साथ कई द्विपक्षीय बैठकें कीं।
सीजेआई की किन न्यायिक अधिकारियों से मुलाकात हुई?
तीन दिवसीय सम्मेलन के पहले दिन सीजेआई ने रूस, चीन, मिस्र, इंडोनेशिया, संयुत अरब अमीरात, द. अफ्रीका, बेलारूस, कजाकिस्तान, ईरान और उज्बेकिस्तान के न्यायिक अधिकारियों से मुलाकात की। दोनों देशों में संबंध मजबूत करने के लिए न्यायिक सहयोग के समझौतों (एमओयू), व्यापार और कॉरपोरेट विवादों को सुलझाने में मध्यस्थता और सुलह-समझौतों के महत्व तथा देशों के बीच व्यावसायिक गतिविधियों के लिए अच्छा माहौल बनाने जैसे मुद्दों पर द्विपक्षीय बातचीत हुई।
इन पर भी चर्चा : विदेशी निवेशकों का भरोसा बढ़ाने के लिए कुशल कमर्शियल कोर्ट की जरूरत, न्यायिक फैसलों और आदेशों को आपसी तौर पर मान्यता देने की संभावनाओं और प्रोफेशनल एक्सचेंज प्रोग्राम के लिए भोपाल स्थित नेशनल ज्यूडिशियल एकेडमी जैसे सरकारी संस्थानों के इस्तेमाल पर भी चर्चा हुई।