देश के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमण
- फोटो : एएनआई (फाइल)
देश के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) एनवी रमण ने बुधवार को कहा कि भारतीय मीडिया के परिदृष्य से खोजी पत्रकारिता समाप्त होती जा रही है। उन्होंने यह बात वर्चुअल माध्यम से हुए एक किताब के उद्घाटन के मौके पर कही। सीजेआई रमण ने कहा कि पहले के समय में समाचार पत्र समाज में लहर लाने वाले मामलों को उजागर करते थे और अब ऐसे समाचार न के बराबर देखने को मिलते हैं।
सीजेआई ने कहा, मैं वर्तमान समय के मीडिया के बारे में कुछ विचार साझा करना चाहता हूं। खोजी पत्रकारिका का कंसेप्ट दुर्भाग्य से भारतीय मीडिया में खत्म होता जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब हम बड़े हो रहे थे तब हम उत्सुकता से ऐसे समाचार पत्रों को पढ़ा करते थे जो बड़े मामलों का पर्दाफाश करते थे। लेकिन, आज के समय में देश के समाचार पत्र इस मामले में सबको निराश कर रहे हैं।
व्यवस्था में व्याप्त कमियों के बारे में जागरूक करे मीडिया
उन्होंने कहा कि मीडिया को व्यक्तियों और संस्थानों की विफलता को दिखाना चाहिए। मीडिया को लोगों को व्यवस्था में व्याप्त कमियों के बारे में जागरूक करने की जरूरत है। हैदराबाद के पत्रकार यू सुधाकर रेड्डी की किताब 'ब्लड सैंडर्स' की किताब के उद्घाटन पर उन्होंने कहा कि ज्यादातर आंध्र प्रदेश के शेषचलम वन क्षेत्र में उगने वाले लाल चंदन के पेड़ों को संरक्षित करने की आवश्यकता है।
मीडिया पर सरकार के इशारों पर काम करने का आरोप
हाल के दिनों में विपक्षी दलों और विभिन्न संगठनों ने भारतीय मीडिया पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। भारतीय मीडिया पर आरोप लगे हैं कि वह केंद्र सरकार के इशारों पर काम कर रही है और सरकार की विफलता की खबरें दिखाने से परहेज करती है। मीडिया पर राजनीतिक शख्सियों की छवि बनाने की कोशिश करने के आरोप भी लगते रहे हैं। ऐसे में सीजेआई की यह टिप्पणी काफी अहम है।