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CJI: सीजेआई ने देश में इंटरनेट सक्षम अदालतों की वकालत की, बोले- प्रौद्योगिकी को अपनाना कल और आज की जरूरत

Wed, 01 Mar 2023 10:37 PM IST
Jeet Kumar पीटीआई, कोलकाता

सार

सीजेआई चंद्रचूड़ ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय संविधान द्वारा मान्यता प्राप्त हर भाषा में अपने निर्णयों के अनुवाद के लिए एक नई पहल शुरू की है और ऐसे 3,000 निर्णयों का पहले ही विभिन्न भारतीय भाषाओं में अनुवाद किया जा चुका है।
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सीजेआई चंद्रचूड़ - फोटो : ANI
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विस्तार
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भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ ने बुधवार को एक बार अदालत कक्षों में इंटरनेट सुविधाओं की वकालत की। उन्होंने अदालत कक्षों में सुरक्षा के साथ  इंटरनेट सुविधाओं पर जोर दिया। सुप्रीम कोर्ट से वर्चुअल मोड के जरिए कई ई-पहल और कलकत्ता उच्च न्यायालय के एक नए प्रशासनिक ब्लॉक का उद्घाटन करते हुए सीजेआई ने कहा कि प्रौद्योगिकी को अपनाना कल और आज की जरूरत है।

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पहले अदालत कक्षों में मोबाइल फोन प्रतिबंधित थे
उन्होंने अपनी बात रखते हुए उस समय को भी याद किया जब कई अदालत कक्षों में मोबाइल फोन प्रतिबंधित थे। उन्होंने कहा कि यहां हम आज उच्च न्यायालय के लिए एक मोबाइल एप्लिकेशन जारी कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि एक युवा वकील उच्च न्यायालय के एक अदालत कक्ष में अपने आईपैड पर काम कर रहा था, तभी अदालत के प्रहरी ने उससे कहा कि उसे गैजेट बंद करना होगा क्योंकि यह अदालत के कानून के अनुशासन के अनुसार नहीं है। 

 न्यायालय कक्षों के भीतर इंटरनेट सुविधाएं स्थापित करनी चाहिए
सीजेआई ने इस बात पर कहा कि हम अपने अनुशासन को बहुत आगे ले जा रहे हैं। अदालत कक्ष के परिसर में आईपैड पर काम करने वाले एक वकील को उस पर तब तक काम करने की अनुमति दी जानी चाहिए जब तक कि वे आईपैड या अपने लैपटॉप से फिल्में नहीं देख रहे हों। आगे कहा कि हमें अपने न्यायालय कक्षों के भीतर इंटरनेट सुविधाएं स्थापित करनी चाहिए और निश्चित रूप से फायरवॉल्स को पर्याप्त रूप से बनाए रखा जाना चाहिए ताकि सुविधा को वास्तविक और अधिकृत उपयोग में लाया जा सके।
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आसान भाषा में हो निर्णय
सीजेआई चंद्रचूड़ ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय संविधान द्वारा मान्यता प्राप्त हर भाषा में अपने निर्णयों के अनुवाद के लिए एक नई पहल शुरू की है और ऐसे 3,000 निर्णयों का पहले ही विभिन्न भारतीय भाषाओं में अनुवाद किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि मैं कलकत्ता उच्च न्यायालय से भी ईमानदारी से अपील करूंगा कि यह सुनिश्चित करें कि आपके निर्णय लोगों को सरल भाषा में उपलब्ध हों, क्योंकि हम भाषा को समझते हैं। आगे उन्होंने कहा कि यह सही मायने में यह सुनिश्चित करेगा कि न्यायपालिका की पहुंच नागरिकों तक हो।

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