सीजेआई ने संविधान दिवस पर कार्यक्रम में संविधान के महत्व को बताते हुए अमर उजाला में प्रकाशित एक कविता का जिक्र किया। सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के संविधान दिवस कार्यक्रम में अपने संबोधन की शुरुआत में सीजेआई ने कहा, परसों मैं संविधान दिवस पर अमर उजाला पढ़ रहा था।
सीजेआई जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आते हैं और अदालत राजनीतिक व्यस्तता का स्थल बन जाती है। सुप्रीम कोर्ट में धोखाधड़ी के मामलों की संख्या बढ़ जाती है। संविधान दिवस पर आयोजित एक कार्यक्रम में सीजेआई ने कहा, कल ही, मुझे एक धोखाधड़ी के मामले से निपटना पड़ा। उन्होंने कहा, चुनाव खत्म होने के बाद चीजें शांत हो जाती हैं और जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आते हैं, अदालत राजनीतिक व्यस्तता का स्थान बन जाती है। यह हमारे समाज की सच्चाई है। मैं इसे किसी मूल्य निर्णय के साथ नहीं देख रहा हूं।
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पढ़ी अमर उजाला में प्रकाशित कविता
सीजेआई ने संविधान दिवस पर कार्यक्रम में संविधान के महत्व को बताते हुए अमर उजाला में प्रकाशित एक कविता का जिक्र किया। सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के संविधान दिवस कार्यक्रम में अपने संबोधन की शुरुआत में सीजेआई ने कहा, परसों मैं संविधान दिवस पर अमर उजाला पढ़ रहा था। उसमें अमलेंदु शुक्ला की एक बहुत सुंदर कविता पढ़ी जिसमें संविधान की बेहतरीन व्याख्या है। सीजेआई ने कविता पढ़ते हुए कहा, उन्होंने लिखा है...मैं भारत का संविधान हूं, सबको राह दिखाता हूं।