सरकार ने गुरुवार को संसद को जानकारी दी कि विमानन सुरक्षा संस्था (डीजीसीए) में कुल 1,630 मंजूर पदों में से 787 पद खाली हैं। इसी तरह, ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी (बीसीएएस) में भी कुल 598 मंजूर पदों में से 230 पद खाली पड़े हैं।
उड्डयन मंत्री ने दी जानकारी
नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने लोकसभा में एक लिखित जवाब मे बताया कि डीजीसीए के पुनर्गठन के तहत भविष्य की जरूरतों को देखते हुए 2022 से 2024 के बीच 441 नए पद बनाए गए हैं। इनमें 426 तकनीकी और 15 गैर-तकनीकी पद बनाए गए हैं। मंत्री ने कहा कि पिछले चार महीनों में डीजीसीए की ताकत बढ़ाने के लिए 15 कर्मचारी और नौ फ्लाइट ऑपरेशन इंस्पेक्टर संस्था से जुड़े हैं। इसके अलावा 31 अधिकारियों के लिए पदोन्नति की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।
मंत्री ने बताया कि 164 तकनीकी अधिकारियों, एक फ्लाइट ऑपरेशन इंस्पेक्टर और तीन स्टेनोग्राफर का चुनाव हो चुका है। साथ ही 94 अन्य पदों पर भर्ती का प्रस्ताव अलग-अलग चरणों में है। उन्होंने यह भी कहा कि बेहतर निगरानी के लिए 2024 में बीसीएएस में 84 नए पद बनाए गए हैं।
ये भी पढ़ें: संसद: लोकसभा में BJP सांसद ने किया राहुल गांधी के खिलाफ प्रस्ताव पेश; सदस्यता रद्द और चुनाव न लड़ने की मांग
कामकाज पर असर नहीं
पदों की कमी के बावजूद इन संस्थाओं के काम करने के तरीके पर कोई असर नहीं पड़ा है। सरकार भर्ती के सभी तरीकों पर तेजी से काम कर रही है। मंत्री ने सदन को बताया कि कई बार विज्ञापनों पर अच्छा रिस्पॉन्स नहीं मिलता या चुने हुए उम्मीदवार नौकरी जॉइन नहीं करते। ऐसी स्थिति में जरूरतों को पूरा करने के लिए कम समय के लिए कॉन्ट्रैक्ट पर भर्तियां की जाती हैं।
इस साल 4,320 एटीसी कर्मियों को दी गई ट्रेनिंग
एक अन्य सवाल के जवाब में मोहोल ने बताया कि एयर ट्रैफिक कंट्रोलर (एटीसी) के 1,279 पद खाली हैं। एटीसी के लिए कुल 5,537 पद मंजूर हैं। मंत्री ने कहा, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) इन पदों के माध्यम से हवाई यातायात का प्रबंधन करता है। आंकड़ों के अनुसार, इस वित्तीय वर्ष में अब तक सात एटीसी कार्मिक प्रशिक्षण केंद्रों से 4,320 एटीसी कर्मियों को ट्रेनिंग दी गई है। पिछले साल यह संख्या 4,034 थी और 2021-22 में यह संख्या 2,265 थी।
सात ट्रेनिंग सेंटर है सक्रिय
मंत्री ने बताया देश में एटीसी कर्मियों के लिए सात ट्रेनिंग सेंटर काम कर रहे हैं। इनमें प्रयागराज, हैदराबाद और गोंदिया के मुख्य केंद्रों के साथ दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता के क्षेत्रीय केंद्र शामिल हैं। एटीसी की तैनाती अंतरराष्ट्रीय नियमों और हवाई अड्डों पर ट्रैफिक के दबाव के हिसाब से की जाती है, ताकि सुरक्षित और कुशल एयर ट्रैफिक मैनेजमेंट सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने बताया कर्मचारियों की कमी की वजह से कोई भी मुख्य ऑपरेशनल यूनिट बंद नहीं की गई है।
अन्य वीडियो-