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पश्चिम बंगाल फिर शर्मसार: फूल तोड़ने पर उठक-बैठक की सजा, महिला ने की आत्महत्या; जांच-कार्रवाई में जुटी पुलिस

Sun, 06 Jul 2025 11:08 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नादिया

सार

Woman Dies By Suicide After Humiliated: पश्चिम बंगाल के नादिया जिले में एक महिला ने सार्वजनिक तौर पर अपमानित होने के बाद आत्महत्या कर ली है। इस मामले में एक सामाजिक कार्यकर्ता और उसके भाई पर आरोप लगा है। फिलहाल पुलिस ने एक शख्स को गिरफ्तार कर लिया है और तीसरे आरोपी की तलाश कर रही है।
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गिरफ्तार (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पश्चिम बंगाल के नादिया जिले में एक महिला की तरफ से आत्महत्या किए जाने के मामले में पुलिस ने एक सामाजिक कार्यकर्ता को निलंबित कर दिया गया है, जबकि उसके बड़े भाई को गिरफ्तार कर लिया गया है। यह घटना तब सामने आई जब 50 वर्षीय महिला सरस्वती डे को फूल तोड़ने के आरोप में सार्वजनिक रूप से उठक-बैठक कराई गई, जिसके कुछ घंटों बाद उन्होंने आत्महत्या कर ली।
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महिला को कान पकड़कर उठक-बैठक की दी सजा
पुलिस के अनुसार, सरस्वती डे एक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता थीं। शनिवार को वह अपने पड़ोसी मिलन कराटी के घर के बागीचे से फूल तोड़ रही थीं, तभी मिलन के बड़े भाई असीम कराटी ने उन्हें रंगे हाथ पकड़ लिया। उन्होंने सरस्वती को पूरे मोहल्ले के सामने कान पकड़कर उठक-बैठक करने की सजा दी और इसके बाद उनके कार्यस्थल पर जाकर और भी अपमानित किया। इसके कुछ ही घंटे बाद सरस्वती दे का शव उनके घर के पीछे बने गाय के बाड़े में फंदे से लटका मिला।
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एक आरोपी गिरफ्तार, एक फरार की तलाश जारी
इस घटना के बाद सरस्वती के परिवार की शिकायत पर पुलिस ने असीम कराटी को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, सामाजिक कार्यकर्ता मिलन कराटी को जांच पूरी होने तक ड्यूटी से हटा दिया गया है। जबकि एक तीसरे आरोपी की तलाश की जा रही है। मामले में रानाघाट पुलिस जिले के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'प्रारंभिक जांच और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान पीड़ित परिवार के आरोपों की पुष्टि कर रहे हैं। हमने तुरंत कार्रवाई की है'।
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वहीं स्थानीय लोगों का आरोप है कि मिलन कराटी अक्सर इलाके के लोगों से घमंड से पेश आता था और अपने सामाजिक कार्यकर्ता होने का गलत फायदा उठाता था।

एक और सामाजिक कार्यकर्ता की भूमिका पर सवाल
पश्चिम बंगाल में सामाजिक कार्यकर्ता की भूमिका पर पहले भी सवाल उठ चुके हैं। पिछले साल कोलकाता के आर.जी. कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में एक महिला डॉक्टर के दुष्कर्म और हत्या के मामले में सामाजिक कार्यकर्ता संजय रॉय को दोषी ठहराया गया था। उस घटना के बाद से ही राज्य में इनकी जिम्मेदारियों और व्यवहार को लेकर जांच तेज हो गई है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है।


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