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CJI: 'मातृभाषा में अध्ययन करने से समझ बढ़ती है'; अपने स्कूल के दिनों को याद करते हुए बोले सीजेआई बीआर गवई

Sun, 06 Jul 2025 10:47 PM IST
शिव शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
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सीजेआई बी आर गवईं। - फोटो : पीटीआई
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देश के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) बीआर गवई ने कहा कि अपनी मातृभाषा में अध्ययन करने से वैचारिक समझ बढ़ती है और जीवन के लिए मजबूत मूल्य पैदा होते हैं जो जीवन भर साथ रहते हैं। सीजेआई ने मुंबई के एक मराठी-माध्यम स्कूल में अपने छात्र दिनों को याद करते हुए यह बात कही। सीजेआई ने अपने विद्यालय चिकित्सा समूह शिरोडकर स्कूल में कक्षाओं का दौरा किया। लाइब्रेरी और कला विभाग भी गए। अपने पुराने सहपाठियों से गर्मजोशी से मिले और उनसे बातचीत की।

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आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया कि सीजेआई ने इसी संस्थान में प्राथमिक से लेकर माध्यमिक स्तर तक की पढ़ाई की। उन्होंने अपने प्रारंभिक जीवन को आकार देने वाले शिक्षकों के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया। जस्टिस गवई ने कहा, आज मैं जिस भी मुकाम पर पहुंचा हूं, उसमें मेरे शिक्षकों और इस स्कूल का अहम योगदान है। यहां से मुझे जो शिक्षा और संस्कार मिले, उन्होंने मेरे जीवन को दिशा दी। सार्वजनिक भाषण में मेरी यात्रा इसी मंच से शुरू हुई। भाषण प्रतियोगिताओं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से मेरा आत्मविश्वास बढ़ा। इन्हीं अवसरों की बदौलत मैं आज जो कुछ भी हूं, वह सब कुछ हूं।

विधानमंडल कल करेगा सम्मानित
महाराष्ट्र विधानमंडल मंगलवार को सीजेआई गवई को सम्मानित करेगा। विधानमंडल सचिवालय की तरफ से रविवार को जारी विज्ञप्ति में कहा गया कि सम्मान समारोह विधान भवन के सेंट्रल हाल में आयोजित किया जाएगा। विधानमंडल परिसर में सीजेआई भारत के संविधान विषय पर सभा को संबोधित भी करेंगे। महाराष्ट्र से आने वाले जस्टिस गवाई के सीजेआई बनने पर उनके सम्मानित में राज्य में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, उसी कड़ी में यह समारोह भी होगा। वह इसी साल 23 नवंबर को सेवानिवृत्त हो जाएंगे।

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