पूर्वोत्तर राज्यों की स्थिति पर विचार करने के लिए गुरुवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने असम के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल से बातचीत की है। इसके अलावा उन्होंने उत्तर पूर्व के दूसरे राज्यों में भी कानून व्यवस्था की समीक्षा की है। गृह मंत्रालय के सूत्र बताते हैं कि उत्तर पूर्व के राज्यों में अतिरिक्त सुरक्षा बल भेजे जा रहे हैं। वहां सेना भी तैनात की गई है। असम में स्थिति नाजुक बनी हुई है।
असम पुलिस के अधिकारियों ने इन नजरबंदी केंद्रों की सुरक्षा के लिए केंद्रीय सुरक्षा बलों की डेढ़ दर्जन कंपनियां मांगी हैं। ऐसे अलर्ट मिले हैं कि नागरिकता (संशोधन) विधेयक का विरोध करने की आड़ में असम और दूसरे राज्यों के उपद्रवी नजरबंदी केंद्रों पर हमला कर सकते हैं। चूंकि इन केंद्रों पर 646 पुरुषों के अलावा 324 महिलाओं को भी रखा गया है, इसलिए राज्य एवं केंद्र सरकार इनकी सुरक्षा के लिए ज्यादा चिंतित है। सुरक्षा के चलते नजरबंदी केंद्रों के आसपास वाहनों की आवाजाही बंद कर दी गई है।
सेना के जवान भी वहां पहुंच गए हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सीआरपीएफ सहित दूसरे केंद्रीय सुरक्षा बलों को अलर्ट पर रखा है।असम और उत्तरपूर्व के दूसरे राज्यों में जो हालात पैदा हो रहे हैं, उन्हें देखते हुए वहां पर कम से कम 30 अतिरिक्त कंपनियां भेजी जा सकती हैं। असम सरकार ने नजरबंदी केंद्रों के हालात से केंद्र सरकार को अवगत करा दिया है।
सुरक्षा बलों के अधिकारियों का कहना है, इस संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता कि असम के विद्रोही ग्रुप और दूसरे तोड़फोड़ वाले संगठन नजरबंद केंद्रों को भी अपना निशाना बना सकते हैं। वहां से लोगों को बाहर निकालने के खुफिया अलर्ट भी सरकार को मिले हैं।
नजरबंदी केंद्र पुरुष महिला कुल नजरबंद
गोलपारा 186 15 201
कोकराझार 09 131 140
सिल्चर 57 14 71
डिब्रूगढ़ 38 02 40
जोरहाट 132 64 196
तेजपुर 224 98 322