असम में इन दिनों विरोध प्रदर्शनों का प्रतीक वहां का परंपरागत कपड़ा गमोसा बन रहा है। यह कपड़ा बड़ों को सम्मान के तौर पर दिया जाता है। वहीं, लोग एक-दूसरे का अभिवादन जोई आई असोम (मातृभूमि असम की जय हो) कहकर कर रहे हैं।
बंगाल में सड़क, रेल नेटवर्क पर चक्काजाम
नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में शनिवार को भी पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में लोगों ने प्रदर्शन किए। मुर्शिदाबाद, उत्तरी 24 परगना और ग्रामीण हावड़ा में हिंसक घटनाओं की खबरें हैं। उत्तरी और दक्षिणी बंगाल को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग 34 को मुर्शिदाबाद में ब्लॉक कर दिया गया।
जिले की कई दूसरी सड़कों पर भी चक्काजाम कर दिया गया। हावड़ा जिले के दोमजुर इलाके में राष्ट्रीय राजमार्ग 6 को प्रदर्शनकारियों ने टायर जलाकर ब्लॉक किया और कई वाहनों को आग लगा दी। पूर्वोत्तर रेलवे के सियालदह-हंसाबाद क्षेत्र पर कई ट्रेनें रोक दी गईं। प्रदर्शनकारियों ने शोंडिल्य और काकरा मीरजापुर स्टेशनों पर ट्रैक पर बैठ गए।
नगालैंड बंद, जनजीवन ठहरा
नगालैंड में बडे़ पैमाने पर स्कूल, कॉलेज और बाजार बंद कर दिए गए हैं। सड़कों के किनारे बड़ी संख्या में वाहन खड़े नजर आ रहे हैं। दरअसल, नागरिकता कानून के विरोध में नगा स्टूडेंट्स फेडरेशन (एनएसएफ) ने छह घंटे बंद आह्वान किया था। हालांकि, यहां पर किसी हिंसक घटना की खबरें नहीं हैं।
मुंबई में नागरिकता कानून की वापसी को लेकर प्रदर्शन
महाराष्ट्र में नागरिकता कानून को लेकर विरोध प्रदर्शन जारी है। यहां मुंबई के आजाद मैदान में असमी लोगों ने एकजुटता दिखाते हुए प्रदर्शन किया।
लालू प्रसाद यादव की राजद ने कानून के विरोध में 21 दिसंबर को बंद बुलाया है। लालू के छोटे बेटे तेजस्वी यादव ने शुक्रवार देर रात ही इसका एलान किया था। उन्होंने बताया कि पहले यह 22 दिसंबर को रविवार को होना था, मगर पुलिस भर्ती परीक्षाओं को देखते हुए इसे एक दिन पहले करने का फैसला किया गया।
मणिपुर में भी लोगों ने कैंडल मार्च किया
मणिपुर की राजधानी इंफाल में लोगों ने नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में कैंडल मार्च निकाला। यह मार्च कांगला के पश्चिमी गेट पर आयोजित की गई।
कांग्रेस ने भी नागरिकता कानून के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दी चुनौती
कांग्रेस नेता टीएन प्रथापन ने शनिवार को नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। कानून के विरोध में शुक्रवार तक 12 याचिकाएं दी जा चुकी थीं। त्रिशूर से सांसद प्रथापन ने अपनी याचिका में शीर्ष अदालत से सरकार को दिशानिर्देश देने की मांग करते हुए कहा, भारत के क्षेत्र के भीतर प्रताड़ित सभी लोगों पर यह कानून लागू हो।
वहीं, एआईएमआईएम नेता असदुद्दीन ओवैसी भी सुप्रीम कोर्ट पहुंचे हैं। असम में नेता विपक्ष देवब्रत सैकिया, असम से कांग्रेस सांसद अब्दुल खालिक और रूपज्योति कुर्मी ने भी याचिकाएं दी हैं।
गहलोत बोले, अगर भाजपा को लोकतंत्र में यकीन है तो कानून वापस ले
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा, अगर भाजपा को लोकतंत्र में यकीन है तो उसे नागरिकता संशोधन कानून वापस लेना चाहिए। सरकार को देश के मिजाज को समझना चाहिए।
विपक्ष राष्ट्रहित को नुकसान पहुंचा रहा है: नकवी
केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने शनिवार को कांग्रेस समेत विपक्षी दलों की निंदा करते हुए कहा, विपक्ष राष्ट्रहित को नुकसान पहुंचाने में लगा हुआ है। विपक्ष हमेशा लोगों के हितों को नजरअंदाज करता रहा है और देशभर में भ्रांति फैला रहा है।
गोएयर टिकट रद्द करने पर शुल्क नहीं लेगी
एयरलाइंस कंपनी गोएयर ने एलान किया है कि वह यात्रियों से अपने टिकटों को रद्द करने या फिर यात्राओं की तिथियों में बदलाव करने पर कोई भी अतिरिक्त शुल्क नहीं लेगी। कंपनी ने यह सुविधा रविवार तक के लिए गुवाहाटी से रवाना होने वाली उड़ानों के लिए दी है।
नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ पूर्वोत्तर में जहां उग्र प्रदर्शन थमता नजर आ रहा है, वहीं पश्चिम बंगाल में विरोध हिंसा की ओर बढ़ रहा है। बंगाल में प्रदर्शनकारियों ने शनिवार को सड़कों को जाम करते हुए हावड़ा में कोना एक्सप्रेसवे पर सरकारी और निजी 15 बसों को आग के हवाले कर दिया।
राष्ट्रीय राजमार्ग 6 (मुंबई रोड) और 2 (दिल्ली रोड) को कोलकाता से जोड़ने वाले इस एक्सप्रेसवे पर एक पुलिस वैन भी जला दी गई। हावड़ा जिले के दोमजुर इलाके में प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग 6 पर टायरों को जलाकर चक्काजाम कर दिया। ग्रामीण हावड़ा के बागान इलाके में 20 दुकानों को आग लगा दी गई।
वहीं, संकरेल रेलवे स्टेशन का एक हिस्सा भी आग के हवाले कर दिया। यहां एक पुलिस जीप में तोड़फोड़ की गई। उपद्रवियों ने स्टेशन मास्टर के कमरे में तोड़फोड़ की और सिग्नल केबिन को भी बुरी तरह से क्षतिग्रस्त कर दिया गया। प्रदर्शनकारियों ने मुर्शिदाबाद में उत्तरी और दक्षिणी बंगाल को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग 34 को ब्लॉक कर दिया और सुती पर स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट की तीन बसों में जमकर तोड़फोड़ की।
इन घटनाओं से लोगों में दहशत का माहौल है। प्रदर्शनकारियों के उपद्रव को देखते हुए रैपिड ऐक्शन फोर्स (आरएएफ) को तैनात की गई है। निमतिता स्टेशन पर भी उपद्रवियों द्वारा तोड़फोड़ की गई है।
18 को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, असम में तीन दिन का सत्याग्रह
दक्षिण पूर्वी जोन में कई स्टेशनों पर आठ एक्सप्रेस समेत 20 ट्रेनें रोक दी गईं। वहीं कई ट्रेनें रद्द कर दी गईं। जो ट्रेनें रद्द की गई हैं, उनमें हावड़ा-दीघा एसी एक्सप्रेस, हावड़ा-पुणे दुरंतो एक्सप्रेस, हावड़ा-तिरुपति हमसफर एक्सप्रेस, हावड़ा-सीएसएमटी गीतांजलि एक्सप्रेस, हावड़ा-एर्णाकुलम अंत्योदय एक्सप्रेस और हावड़ा-दीघा-हावड़ा कंदारी एक्सप्रेस, कोरोमंडल एक्सप्रेस, हावड़ा-यशवंतपुर दुरंतो एक्सप्रेस, हावड़ा-हैदराबाद ईस्टकोस्ट एक्सप्रेस हैं। इसके अलावा, पुरी-दीघा एक्सप्रेस, पुरी संतरागाछी पैसेंजर को 15 दिसंबर को रद्द रहेगी।
नागरिकता कानून के विरोध में छात्रों और पुलिस की झड़प के बाद दिल्ली के जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय ने शनिवार को 5 जनवरी तक छुट्टी करने का एलान किया है। विश्वविद्यालय अब छह जनवरी को खुलेगा। वहीं, तनाव को देखते हुए परीक्षाएं रद्द कर दी गई हैं।
40 लोकल ट्रेनें रद्द
हावड़ा-खड़गपुर सेक्शन में कम से कम 40 लोकल ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं। उग्र भीड़ ने मुर्शिदाबाद जिले में नेशनल हाइवे पर बने एक टोल प्लाजा में भी आग लगा दी। उसी जिले में भाजपा के एक कार्यालय में भी आग लगा दी गई।
हिंसा पर सियासत शुरू
पश्चिम बंगाल में नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में होने वाली हिंसा और आगजनी पर अब सियासत भी शुरू हो गई है। भाजपा ने इस हिंसा के लिए तृणमूल कांग्रेस और उसकी प्रमुख ममता बनर्जी को जिम्मेदार ठहराया है। पार्टी के राष्ट्रीय सचिव राहुल सिन्हा ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस की वजह से ही हालत इतनी बिगड़ी है।
मुख्यमंत्री को उपद्रवियों को गोली मारने का आदेश देना चाहिए। उन्होंने कहा कि पूरा राज्य जल रहा है। अगर यही स्थिति जारी रही तो यहां राष्ट्रपति शासन लागू करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने दावा किया कि इतने बड़े पैमाने पर हिंसा करने वाले लोग बांग्लादेशी घुसपैठिए हैं।
घोष का सवाल था कि क्या भारतीय नागरिक इस कानून के खिलाफ ऐसा कर सकते हैं ? माकपा नेता मोहम्मद सलीम ने भी लोगों से शांति बहाल करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि हिंसा और अशांति से आम लोगों को नुकसान पहुंचा कर विरोध जताने का तरीका सही नहीं है।