फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अनोखा इंसाफ: 2017 के मामले में रिटायर्ड इंस्पेक्टर को तीन साल जेल; BMC चालक से मांगा था पांच लाख रुपये का घूस

Fri, 06 Jun 2025 12:00 AM IST
शुभम कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

मुंबई की विशेष अदालत ने रिश्वतखोरी के मामले में रिटायर्ड असिस्टेंट पुलिस इंस्पेक्टर सुरेश नाइक को दोषी ठहराया। 58 मामलों की जांच में सेवा को देखते हुए कोर्ट ने 3 साल की न्यूनतम सजा और भारी जुर्माना लगाया।
विज्ञापन
कोर्ट का फैसला - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

एक विशेष अदालत ने 2017 के रिश्वत मामले में मुंबई पुलिस के रिटायर्ड असिस्टेंट पुलिस इंस्पेक्टर सुरेश नाइक को दोषी करार देते हुए तीन साल की जेल की सजा सुनाई है। यह सजा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दी गई न्यूनतम सजा है। मामले में विशेष न्यायाधीश एस.ई. बंगर ने बुधवार को फैसला सुनाते हुए कहा कि आरोपी ने अपने करियर में करीब 58 आपराधिक मामलों की जांच की और आरोपियों को सजा दिलाई है। इस सेवा को देखते हुए अदालत ने नरमी दिखाते हुए अधिकतम सात साल की बजाय न्यूनतम तीन साल की सजा सुनाई, लेकिन इसके साथ भारी जुर्माना भी लगाया।

विज्ञापन


ये भी पढ़ें:- Sikkim Flood: सिक्किम के राहत आयुक्त ने मंगन जिले आपदा प्रभावित क्षेत्रों का किया दौरा, नुकसान का लिया जायजा

क्या था पूरा मामला, समझिए
बता दें कि 2017 में महाराष्ट्र एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने नाइक के खिलाफ मामला दर्ज किया था। शिकायत बीएमसी के ड्राइवर रामकृष्ण कुटे ने की थी, जो एक आपराधिक मामले में पहले गिरफ्तार हो चुका था। कुटे ने आरोप लगाया कि नाइक ने उससे मामले में ढील देने और हाजिरी आदेश में बदलाव के बदले 5 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें:- Bengaluru New Police Commissioner: IPS सीमांत सिंह नए आयुक्त; भगदड़ में 11 मौतों के बाद सरकार का फैसला

रंगे हाथ पकड़े गए थे नाइक

विज्ञापन

एसीबी ने शिकायत पर कार्रवाई करते हुए जाल बिछाया और नाइक को 30,000 रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ लिया था। अदालत ने इस मामले में नौ गवाहों की गवाही पर भरोसा जताते हुए माना कि अभियोजन पक्ष ने आरोपी के खिलाफ मामला सफलतापूर्वक साबित किया है।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें