केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के महानिदेशक प्रवीर रंजन
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भारत की ऊर्जा सुरक्षा की रीढ़ माने जाने वाले कोयला क्षेत्रों में अब 'जीरो कोल लीकेज' (कोयले की शून्य चोरी) का संकल्प हकीकत बन रहा है। इसी विजन को जमीन पर उतारने और चुनौतियों से सीधे टकराने वाले जवानों का हौसला बढ़ाने के लिए, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के महानिदेशक प्रवीर रंजन ने 16 से 18 सितंबर तक झारखंड और पश्चिम बंगाल के कोयला क्षेत्रों (ईसीएल और बीसीसीएल) का अहम दौरा किया।उनका यह दौरा सिर्फ एक रूटीन समीक्षा नहीं था, बल्कि यह संदेश था कि सीआईएसएफ द्वारा देश के राष्ट्रीय संसाधनों की लूट अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
झारखंड और पश्चिम बंगाल के बेहद दुर्गम और चुनौतीपूर्ण इलाकों में सीआईएसएफ के 12,000 से अधिक जवान 10 यूनिट्स में तैनात* हैं। यहां बल ने हाल ही में एमएमडीआर एक्ट के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए हजारों टन अवैध कोयला बरामद किया है, जिसकी कीमत करोड़ों रुपये है।
अंधेरी रातों में छापेमारी, हिंसक भीड़ का सामना और वर्षों से जमे माफियाओं के खिलाफ आधुनिक तकनीकों (जैसे ड्रोन सर्विलांस) का इस्तेमाल करते हुए सीआईएसएफ जवानों ने कोयला खदानों में कानून का राज स्थापित किया है। बल की इस कार्यकुशलता को देखते हुए ही हाल ही में आम्रपाली खदानों की सुरक्षा का जिम्मा भी सीआईएसएफ को सौंपा गया है, जहां जल्द ही बल अपनी तैनाती करेगा।
सीआईएसएफ
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ईसीएल सीतलपुर (पश्चिम बंगाल) में सुरक्षा मंथन
16 सितंबर को महानिदेशक रंजन, एडीजी (उत्तर) बिनीता ठाकुर और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ ईसीएल सीतलपुर पहुंचे। आसनसोल-दुर्गापुर क्षेत्र में कोयला सुरक्षा को लेकर उन्होंने ईसीएल प्रबंधन और पुलिस कमिश्नर के साथ एक उच्च-स्तरीय बैठक की। इस बैठक का मुख्य फोकस एमएमडीआर एक्ट को सख्ती से लागू करने, अवैध खनन रोकने और सीआईएसएफ, प्रबंधन व स्थानीय पुलिस के बीच बेहतर तालमेल बिठाने पर रहा। इसके बाद महानिदेशक ने एक संयुक्त सैनिक सम्मेलन को संबोधित किया।
उन्होंने जवानों से कहा कि कोयला क्षेत्र में उनकी जिम्मेदारी सिर्फ ड्यूटी नहीं, बल्कि देश की ऊर्जा सुरक्षा से जुड़ी हुई है। उन्होंने साइबर फ्रॉड और ऑनलाइन गेमिंग के बढ़ते खतरों के प्रति भी जवानों को सतर्क किया।
बीसीसीएल धनबाद: 'जीरो कोल लीकेज' पर जोर
17 और 18 सितंबर को डीजी सीआईएसएफ ने बीसीसीएल धनबाद का दौरा किया। कोयला नगर परिसर में वृक्षारोपण के बाद उन्होंने लगभग 400 जवानों के साथ सैनिक सम्मेलन में भाग लिया। जवानों से सीधा संवाद करते हुए उन्होंने महिला बल सदस्यों के योगदान की विशेष सराहना की। महानिदेशक ने जवानों के साथ बैठकर अनौपचारिक माहौल में लंच किया, उनकी समस्याएं सुनीं और सुझावों पर चर्चा की। बाद में, उन्होंने बीसीसीएल के सीएमडी मनोज अग्रवाल, एसएसपी धनबाद और अन्य अधिकारियों के साथ बैठक कर 'जीरो कोल लीकेज पॉलिसी' को पूरी तरह से लागू करने की भविष्य की रणनीतियों पर मंथन किया।
तकनीक और सुरक्षा का तालमेल: आईआईटी का दौरा
अपने दौरे के अंतिम दिन, 18 सितंबर को महानिदेशक ने आईआईटी धनबाद का भी दौरा किया। यहां उन्होंने सीआईएसएफ और आईएसएम के बीच भविष्य में होने वाले एक एमओयू पर चर्चा की। इसका उद्देश्य सीआईएसएफ जवानों के लिए 'माइनिंग सेफ्टी एंड सिक्योरिटी' और 'साइबर सुरक्षा' जैसे आधुनिक शॉर्ट-टर्म कोर्स डिजाइन करना है। साथ ही, संस्थान में सीआईएसएफ की तैनाती प्रक्रिया को भी जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए।
महानिदेशक का यह दौरा स्पष्ट करता है कि सीआईएसएफ सिर्फ पारंपरिक सुरक्षा तक सीमित नहीं है। तकनीक, कड़े कानून (एमएमडीआर) और जवानों के अदम्य साहस के दम पर सीआईएसएफ अब कोयला माफियाओं के खिलाफ एक निर्णायक लड़ाई लड़ रहा है, ताकि देश की ऊर्जा संपदा सुरक्षित हाथों में रहे।