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CISF: सीआईएसएफ में फिजूलखर्ची पर रोक, यूनिट-बटालियन के दौरे पर अफसरों को नहीं मिलेंगे महंगे गिफ्ट और मोमेंटो

सार

सीआईएसएफ ने फिजूलखर्ची रोकने के लिए नया आदेश जारी किया है। अब यूनिट या बटालियन के दौरे पर आने वाले वरिष्ठ अधिकारियों को महंगे गिफ्ट, मोमेंटो या बुके नहीं दिए जाएंगे। इसके अलावा जब भी कोई वरिष्ठ अधिकारी, विजिट के लिए किसी यूनिट में पहुंचेगा तो वहां पर रहने और खाने पीने का खर्च, संबंधित अधिकारी खुद ही वहन करेगा।
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सीआईएसएफ - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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सीआईएसएफ में यूनिट/बटालियन के दौरे पर जाने वाले वरिष्ठ अफसरों को अब महंगे 'गिफ्ट-मोमेंटो-बुके' आदि नहीं मिलेंगे। डीजी की तरफ से फिजूलखर्ची बंद करने का आदेश जारी किया गया है। जब भी कोई वरिष्ठ अधिकारी, किसी यूनिट/बटालियन के दौरे पर जाएगा, उसे वहां पर रहने और खाने पीने का खर्च, खुद ही वहन करना पड़ेगा। इस तरह के दौरे के लिए वरिष्ठ अधिकारी को टीए/डीए मिलता है।  

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सीआईएसएफ मुख्यालय द्वारा एडीजी (एपीएस/नॉर्थ एंड साउथ), सभी सेक्टरों के आईजी, जोनल हेडक्वार्टर के डीआईजी और सभी यूनिटों/बटालियनों के कमांडर को गत सप्ताह यह पत्र भेजा गया है। उसमें लिखा है, यह देखने को मिला है कि सीआईएसएफ की विभिन्न यूनिटों और प्रतिष्ठानों में जब वरिष्ठ अफसरों द्वारा इंस्पेक्शन/विजिट किया जाता है तो उस पर कई तरह का खर्च होता है। इस व्यय में महंगे गिफ्ट, मोमेंटो और बुके आदि, शामिल हैं। ये सब फिजूलखर्ची में आता है। 

इससे बल का अनावश्यक खर्च बढ़ता है। यह खर्च अनुचित है और इसे बचा जा सकता है। इतना ही नहीं, इस तरह के खर्च से संगठन और यूनिट की छवि पर गलत असर पड़ता है। इन सबके मद्देनजर, सीआईएसएफ मुख्यालय ने एडीजी (एपीएस/नॉर्थ एंड साउथ), सभी सेक्टरों के आईजी, जोनल हेडक्वार्टर के डीआईजी और सभी यूनिटों/बटालियनों के कमांडर के लिए नए दिशा निर्देश जारी किए हैं। 
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सीआईएसएफ यूनिट/प्रतिष्ठानों में गिफ्ट और मोमेंटो देने पर प्रतिबंध लगाया गया है। जब भी कोई सीनियर अफसर, किसी यूनिट का दौरा करता है तो उसके स्वागत के दौरान 'गिफ्ट और मोमेंटो' नहीं दिए जाएंगे। दूसरा, जब भी कोई वरिष्ठ अधिकारी, विजिट के लिए किसी यूनिट में पहुंचेगा तो वहां पर रहने और खाने पीने का खर्च, संबंधित अधिकारी खुद ही वहन करेगा। अगर वह अधिकारी जीओ मैस में ठहरता है तो उसे बिल चुकाना होगा। 
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अमूमन देखने में आता है कि जीओ मैस में ठहरने वाले कई अफसर, तय नियमों के अनुसार, बिल चुकाने से गुरेज करते हैं। दूसरी तरफ वे अपना टीए/डीए क्लेम कर लेते हैं। डीजी की सहमति से जारी पत्र में कहा गया है कि अब सभी अधिकारी, जो किसी यूनिट का दौरा करते हैं तो वे खुद से ही अपने रहने और खाने पीने का खर्च वहन करेंगे। तीसरा, स्वागत में बुके देने की प्रथा बंद की जाए। अधिकारी, सरकारी काम से किसी यूनिट में जाता है। यह उसकी ड्यूटी का हिस्सा है। 

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