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CISF: सीआईएसएफ जवानों को नहीं मिलेगा 30 दिन की बजाय 60 दिन का वार्षिक अवकाश, शराब से बनी रहेगी दूरी

सार

 'अलायंस ऑफ ऑल एक्स पैरामिलिट्री फोर्सेस वेलफेयर एसोसिशन' ने सीआईएसएफ के   
अधिकारियों के सामने दो मांगे रखी थी। इन दोनों मांगों को सीआईएसएफ की ओर से ठुकरा दिया गया है।
 
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सीआईएसएफ - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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सीआईएसएफ के जवानों को 30 दिन की बजाय 60 दिन का अवकाश नहीं मिलेगा। इसके अलावा केंद्रीकृत शराब प्रबंधन प्रणाली (सीएलएमएस) के तहत शराब की सुविधा भी मुहैया नहीं कराई जाएगी। यानी पहले की भांति, सीआईएसएफ जवान, शराब से दूर रहेंगे। सीआईएसएफ मुख्यालय ने 'अलायंस ऑफ ऑल एक्स पैरामिलिट्री फोर्सेस वेलफेयर एसोसिशन' को भेजे पत्र में यह दो टूक जवाब दिया है। एक्स पैरामिलिट्री एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने पांच मई को सीआईएसएफ मुख्यालय में एडीजी व दूसरे अफसरों के समक्ष, जवानों के हितों से जुड़े मुद्दे रखे गए थे।
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एसोसिएशन के महासचिव रणबीर सिंह के अनुसार, 5 मई को सीआईएसएफ महानिदेशालय में पूर्व एडीजी एचआर सिंह के नेतृत्व में शीर्ष अधिकारियों से मुलाकात हुई थी। सीआईएसएफ के अफसरों के साथ दो मुद्दों पर चर्चा की गई। पहला मुद्दा, सीआईएसएफ जवानों को केंद्रीकृत शराब प्रबंधन प्रणाली (सीएलएमएस) के माध्यम से 'मदिरा' सुविधा उपलब्ध कराई जाए। दूसरी मांग, सीआईएसएफ जवानों को 30 दिन की बजाय 60 दिन का वार्षिक अवकाश दिया जाए। 

जवानों को नहीं दी जाएगी मदिरा
अब सीआईएसएफ महानिदेशालय से ईमेल के माध्यम से एसोसिएशन की मांगों पर अपना रूख स्पष्ट कर दिया है। एसोसिएशन को भेजे जवाब में बल की तरफ से कहा गया है कि किसी भी हालत में जवानों को मदिरा नहीं दी जाएगी। न ही सेवारत और न ही सेवानिवृत्त जवानों को यह सुविधा मिलेगी।  इस बाबत न्यायालय में स्थिति साफ कर दी गई है। एसोसिएशन ने यह मांग की थी कि कम से कम रिटायर्ड जवानों को ही मदिरा सुविधा दी जा सकती है। वे तो किसी संवेदनशील जगह पर ड्यूटी नहीं कर रहे।
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एसोसिएशन की दूसरी मांग भी खारिज 
सीआईएसएफ ने एसोसिएशन की दूसरी मांग भी खारिज कर दी है। जवानों को 30 दिन की बजाय 60 दिन का वार्षिक अवकाश मिले, यह मांग भी नहीं मानी गई। महासचिव ने कहा था, इस बाबत जवानों के बीच सर्वे कराया जा सकता है कि वे 30 दिन का अवकाश चाहते हैं या 60 दिन का। इस मांग को भी नहीं माना गया। पूर्व एडीजी सीआरपीएफ एचआर सिंह के मुताबिक, सीआईएसएफ जवानों के साथ हो रहे सौतेले व्यवहार की झलक साफ दिखाई दे रही है। भारतीय सेनाओं के तीनों अंगों व सभी केंद्रीय सुरक्षा बलों के जवानों को 60 दिन का सालाना अवकाश मिलता है, जबकि सीआईएसएफ में यह अवकाश मात्र 30 दिन का है। जवान अपने घर परिवार व बीवी बच्चों से सैंकड़ों हजारों किलोमीटर दूर ड्यूटी करते हैं। कई बार कम छुट्टियों के चलते जवान, आत्महत्या जैसा घातक कदम उठा लेते हैं। 

सभी केंद्रीय अर्धसैनिक बलों में मदिरा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, लेकिन सीआईएसएफ जवानों को मदिरा सुविधा से वंचित रखा गया है। बतौर रणबीर सिंह, सीआईएसएफ महानिदेशालय द्वारा एसोसिएशन को दिए जवाब से देश भर के रिटायर्ड कर्मियों में भारी रोष व्याप्त है। जब भारत सरकार जरूरी सुविधाएं दे रही है, लेकिन सीआईएसएफ महानिदेशालय अड़ियल रवैया अपनाए हुए है। एसोसिएशन द्वारा ये दोनों विषय, गृह मंत्रालय में होने वाली बैठक में उठाए जाएंगे। 
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