सीआईएसएफ, इस वर्ष अपना 56वां स्थापना दिवस मना रहा है। इस मौके पर सीआईएसएफ ने तटीय क्षेत्रों में एक विशेष अभियान लांच किया है। इसका नाम 'सीआईएसएफ-ग्रेट इंडियन कोस्टल साइक्लोथॉन' रखा गया है। इसके तहत तटीय क्षेत्रों में राष्ट्रीय सुरक्षा के बारे में लोगों को जागरूक किया जाएगा। यह अभियान सात मार्च से शुरु होकर 31 मार्च तक चलेगा। 25 दिन में 125 सीआईएसएफ साइकिल चालक 6553 किलोमीटर की दूरी तय करेंगे। यह साइक्लोथॉन 11 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से होकर गुजरेगा। सीआईएसएफ के इस साइक्लोथॉन की थीम 'सुरक्षित तट, समृद्ध भारत' रखी गई है।
सीआईएसएफ के मुताबिक, यह पहल एक खेल आयोजन से कहीं अधिक है। यह तटीय क्षेत्रों में राष्ट्रीय सुरक्षा के बारे में जागरूकता बढ़ाने और तस्करी, विशेष रूप से ड्रग्स, हथियारों और विस्फोटकों के खतरों के बारे में नागरिकों को सतर्क करने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। आगामी 25 दिनों में 14 साहसी महिला बल के सदस्यों सहित 125 सीआईएसएफ साइकिल चालक छह हजार किलोमीटर से अधिक की दूरी तय करेंगे। यह यात्रा पश्चिमी तट पर लखपत गुजरात और पूर्वी तट पर बक्खाली पश्चिम बंगाल से प्रारंभ होकर मुख्य भूमि भारत के पूरे तट के साथ यात्रा करेंगे। वे पश्चिम में सूरत, मुंबई, गोवा, मंगलौर और कोच्चि जैसे शहरों से गुजरेंगे। पूर्व में हल्दिया, कोणार्क, पारादीप, विजाग, चेन्नई और पांडिचेरी व अंत में कन्याकुमारी में स्वामी विवेकानंद मेमोरियल पर अपनी यात्रा समाप्त करेंगे।
प्रतिदिन 95 से 180 किलोमीटर की चुनौतीपूर्ण दूरी तय करने वाले इस साइकिल अभियान की कठोर प्रकृति को देखते हुए, असाधारण शारीरिक और मानसिक द्रढ़ता वाले अधिकारियों और कर्मियों का चयन किया गया है। इसमें ह्रदय संबंधी स्वास्थ्य जांच, आधारभूत शक्ति, लचीलापन और एरोबिक क्षमता का मूल्यांकन करने के लिए एक प्रारंभिक फिटनेस मूल्यांकन शामिल है। साइक्लोथॉन में भाग ले रहे प्रतिभागियों को आरटीसी बरवाहा 'एमपी' में गहन शारीरिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। भुज हवाई अड्डे पर चार दिवसीय ओरिएंटेशन ने इन प्रतिभागियों को वास्तविक दुनिया की स्थितियों में व्यावहारिक अनुभव प्रदान किया है। यहां पर सभी प्रतिभागियों को नेविगेशन और मार्ग नियोजन अभ्यास, बाइक रखरखाव व मरम्मत कार्यशाला, टीमवर्क और संचार कौशल, अलग अलग मौसम की स्थिति में सवारी का अभ्यास और आपातकालीन प्रक्रिया प्रशिक्षण प्रदान किया गया है।
सात मार्च को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा तमिलनाडु के रानीपेट जिले के तक्कोलम में स्थित सीआईएसएफ के क्षेत्रीय प्रशिक्षण केंद्र से साइक्लोथॉन को वर्चुअली हरी झंडी दिखाई जाएगी। 3775 किलोमीटर के प्रश्चिम मार्ग का सफर कोरी क्रीक तखपत से शुरु होगा। साइक्लोथॉन के दौरान कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें सीआईएसएफ द्वारा डेमा का प्रदर्शन, स्थानीय समुदायों, स्कूली बच्चों और एनसीसी समूहों द्वारा आयोजित कार्यक्रम शामिल हैं। लखपत किला सात मार्च, गांधीधाम 9 मार्च, सूरत 17 मार्च, गेटवे आफ इंडिया 20 मार्च, मोरमुगाओ पोर्ट अथॉरिटी गोवा 23 मार्च, मंगलौर 26 मार्च, कन्नूर 27 मार्च और कोचीन 29 मार्च, इन स्थानों पर आठ प्रमुख कार्यक्रम आयोजित होंगे। गेटवे आफ इंडिया पर आयोजित कार्यक्रम मुंबई पुलिस बैंड और सीआईएसएफ फायर व डॉग स्क्वाड का प्रदर्शन रहेगा।
दोनों तटों से साकिलिंग टीमें कन्याकुमारी पहुंचने के बाद एक भव्य समापन होगा। वहां पर सीआईएसएफ द्वारा बैंड प्रदर्शन, देशभक्ति नाटक व डेमो के अलावा दूसरे कार्यक्रमों का भी आयोजन होगा। इन कार्यक्रमों का मकसद, नागरिकों को एक साथ एक प्लेटफार्म पर लाना है। रैली का मुख्य भाग स्थानीय मछुआरों, तटीय समुदाय के साथ जुड़ना और उनके अद्वितीय व महत्वपूर्ण दृष्टिकोण को पूरे भारत में प्रदर्शित करना है। यह साइक्लोथॉन मात्र एक यात्रा नहीं है, बल्कि हर पैडल के साथ देशवासियों के दिलों को छूना और उन्हें एक सूत्र में बांधना, इसका मकसद है। यह हर पैडल स्ट्रोक एक सुरक्षित, सशक्त और एकजुट भारत के निर्माण का संकल्प है।