भारत की प्रमुख दवा कंपनी सिप्ला लिमिटेड ने बुधवार को कहा कि उसने गिलीड साइंसेज के साथ कोविड-19 के इलाज की संभावित दवा ‘रेमेडिसविर’ के विनिर्माण और वितरण के लिए गैर-विशेष लाइसेंसिंग समझौता किया है।
रेमडेसिविर दवा ने अपना क्लीनिकल ट्रायल इसी महीने पूरा किया है। अमेरिकी खाद्य एवं दवा प्रशासन (एफडीए) ने कोविड-19 के मरीजों के इलाज के लिए इस दवा को आपातकालीन उपयोग की स्वीकृति दी है। सिप्ला कंपनी ने एक बयान में कहा कि दुनिया भर में इस महामारी से पीड़ित मरीजों को जीवन-रक्षक इलाज उपलब्ध कराने के सिप्ला के प्रयासों के तहत यह समझौता किया गया है।
समझौते के तहत सिप्ला को एपीआई (एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रीडिएंट) और अंतिम उत्पाद के विनिर्माण तथा भारत और दक्षिण अफ्रीका सहित 127 देशों में इसके विपणन की अनुमति मिलेगी। इन दवाओं का विपणन सिप्ला के ब्रांड नाम के तहत किया जाएगा।
अमेरिकी दवा कंपनी गिलिड साइंसेज के मुताबिक, आम तौर पर कोरोना मरीजों में 10 दिन के इलाज के बाद सुधार देखने को मिलता है। हालांकि, रेमडेसिविर के क्लीनिकल ट्रायल के दौरान पांच दिन तक इस दवा कोर्स लेने वाले रोगियों की स्थिति में सुधार पाया गया।