वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के कारण सरकार ने लॉकडाउन लागू किया हुआ है। इस कारण विमानन उद्योग को काफी घाटा उठाना पड़ा है। हालांकि, सरकार ने संकेत दिए हैं कि जल्द ही उड़ानों का परिचालन शुरू हो जाएगा।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने सभी एयरलाइंस और हवाई अड्डा ऑपरेटरों को दिशानिर्देश (एसओपी) जारी किए हैं। इसके मुताबिक, केंद्र ने एयरलाइंस से कहा है कि उड़ानें शुरू होने के पहले चरण में 80 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को यात्रा की अनुमति नहीं दी जाए। साथ ही केबिन में बैग लेकर जाने पर ही रोक लगाई जाए।
एसओपी में कहा गया है कि चेक-इन करते समय एक बैगेज ले जाने की अनुमति होगी, जिसका वजन 20 किलो से कम होना चाहिए। साथ ही इसमें कहा गया है कि विमान में खाना नहीं दिया जाएगा। सिर्फ पानी मिलेगा, जिस कप या बोतल में दिया जाएगा।
इसमें कहा गया है कि अगर किसी यात्री या स्टाफ में कोई लक्षण दिखाई देता है या आरोग्य सेतु एप पर उसे ग्रीन सिग्नल नहीं मिल रहा है तो ऐसे व्यक्ति को एयरपोर्ट टर्मिनल बिल्डिंग में दाखिल होने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसके अलावा मंत्रालय ने एयरलाइंस और हवाई अड्डा ऑपरेटर्स से प्रतिक्रिया भी मांगी है।
एसओपी में कहा गया है कि हवाई अड्डे के अंदर आने की इजाजत उन्हीं यात्रियों को दी जाएगी, जिनकी फ्लाइट छह घंटे के भीतर उड़ान भरने वाली होगी। जिनको बुखार या शरीर का तापमान अधिक होगा, उन्हें यात्रा करने से रोक दिया जाएगा।
इसमें कहा गया है कि एयरलाइंस को प्रस्थान समय से तीन घंटे पहले चेक-इन काउंटर खोलना और प्रस्थान से 60 से 75 मिनट पहले बंद करना होगा। प्रस्थान समय से एक घंटा पहले बोर्डिंग शुरू हो जाएगी और विमान के उड़ने के 20 मिनट पहले गेट बंद हो जाएंगे।
गौरतलब है कि लॉकडाउन के कारण विमानों के परिचालन पर प्रतिबंध लगा हुआ है। सरकार के आदेश पर केवल आवश्यक कार्यों के लिए ही विमानों को उड़ान भरने की अनुमति है। इसमें विदेशों में फंसे भारतीयों को वापस लाना शामिल है।
बता दें कि, देशभर में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 24 घंटे में 3525 नए मामले सामने आए हैं और 122 लोगों की मौत हुई है।
इसके बाद देशभर में कोरोना पॉजिटिव मामलों की कुल संख्या 74,281 हो गई है, जिनमें 47,480 सक्रिय हैं, 24,386 लोग स्वस्थ हो चुके हैं या उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है और 2415 लोगों की मौत हो चुकी है।