केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) द्वारा बुधवार को इलेक्ट्रॉनिक्स मिनिस्ट्री, नेशनल इन्फॉर्मेशन सेंटर (एनआईसी), सेंट्रल पब्लिक इन्फार्मेशन अफसर और नेशनल ई-गवर्नेंस डिवीजन को आरोग्य सेतु एप को लेकर कारण बताओ नोटिस भेजने के बाद सरकार ने इसपर सफाई दी है।
आरोग्य सेतु एप पर उठ रहे सवालों पर सरकार ने सफाई पेश करते हुए कहा कि आरोग्य सेतु एप भारती सरकार के जरिए पब्लिक प्राइवेट मोड पर बनाया गया है। माईजीओवी (MyGoV) और डिजिटल इंडिया के सीईओ अभिषेक सिंह ने कहा कि नेशनल इंफोर्मेटिक्स सेंटर (NIC) और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने मिलकर इस एप को बनाया है।
उन्होंने आगे कहा कि यह एप रिकॉर्ड वक्त में तैयार कराया गया है और इसमें किसी भी तरह की कोई गड़बड़ी नहीं है और यह पूरी तरह से पारदर्शी है। देश में कोरोना वायरस को रोकने में इस एप ने बहुत मदद की है। इस ऐप को रिकॉर्ड 21 दिनों में तैयार कर लिया गया था।
आरोग्य सेतु एप पर क्यों हुआ विवाद
इससे पहले नेशनल इंफोर्मेटिक्स ब्यूरो(एनआईसी), जो सरकारी वेबसाइट डिजाइन करता है और आईटी मंत्रालय के अंतर्गत आता है, ने एक आरटीआई जवाब में कहा था कि उसे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है कि आरोग्य सेतु एप किसने बनाया है और इसे कैसे बनाया गया है। इसके बाद ही केंद्रीय सूचना आयोग द्वारा इन्हें नोटिस भेजा गया था।