केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) ने अपने आदेशों के बावजूद कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी द्वारा एक आरटीआई आवेदन के प्रश्नों के उत्तर नहीं देने के आरोप में उन्हें एक नया नोटिस जारी किया है। नोटिस के जरिए गांधी से कहा गया है कि वह पूर्ण पीठ के समक्ष अपना पक्ष रखें।
आयोग की पूर्ण पीठ आरटीआई कार्यकर्ता आरके जैन की शिकायत की सुनवाई करेगी। पूर्ण पीठ में सूचना आयुक्त बिमल जुल्का, श्रीधर आचार्युलु और सुधीर भार्गव शामिल हैं।
दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेशों के बाद नया नोटिस जारी किया गया जिसने अगस्त, 2014 को निर्देश दिया था कि याचिकाकर्ता द्वारा दाखिल शिकायत पर तेजी से और छह महीने की अवधि में विचार किया जाए।
इसके बाद जैन ने रजिस्ट्रार के खिलाफ आयोग में शिकायत की। जैन ने आरोप लगाया था कि उच्च न्यायालय के आदेश के बावजूद रजिस्ट्रार एमके शर्मा ने आयोग के द्वारा कोई तारीख तय नहीं की।
जैन ने अवमानना याचिका दाखिल करने की चेतावनी देते हुए आरोप लगाया था कि रजिस्ट्रार जानबूझ कर, दुर्भावना से और दुराग्रहपूर्वक दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेशों और निर्देशों की अवज्ञा कर रहे हैं और चार सप्ताह की नोटिस के बावजूद सुनवाई के लिए कथित मामले को प्रभावित कर रहे हैं।