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क्रिश्चियन मिशेल जमकर खा रहा है चाइनीज खाना, मगर कुछ खास बताने को तैयार नहीं

Thu, 13 Dec 2018 06:36 PM IST
जितेंद्र भारद्वाज, नई दिल्ली 
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christian michel - फोटो : social media
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अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलिकॉप्टर सौदे में बिचौलिये क्रिश्चियन मिशेल सीबीआई पूछताछ के दौरान कोई खास सहयोग नहीं कर रहा है। जांच एजेंसी उसकी हर सुविधा का ख्याल रख रही है। मिशेल को चाइनीज खाना बहुत पसंद है, वह भी उसे मुहैया कराया गया है। उसे अपने परिजनों से फोन पर बात करने की इजाजत भी दे दी गई है। 
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हालांकि शर्त यह रखी गई है कि वह अंग्रेजी भाषा में ही बात करे और इस दौरान स्पीकर ऑन रहेगा। वह भरपूर मात्रा में खाना खाता है, दस्तावेजों की प्रिंटिंग कराता है और उन्हें पढ़ता है, मगर अंत में यह कहकर सीबीआई अधिकारियों की उम्मीद तोड़ देता है कि वह इस बाबत कुछ नहीं जानता है।

सीबीआई के सूत्रों का कहना है कि मिशेल ने पहले चार दिन जांच अधिकारियों को कुछ नहीं बताया था। कभी वह तबीयत खराब होने की बात कहता तो कभी मामला समझ नहीं आने का तर्क देकर सीबीआई के सवालों का सामना करने से बचने का प्रयास करता रहा। तीसरे दिन उसने कहा, वह बहुत कमजोरी महसूस कर रहा है। 
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चूंकि पहले पांच दिन का रिमांड मिला था, इसलिए वह समय मिशेल की घुमाव-फिराव वाली बातों में ही निकल गया। इसके बाद जांच एजेंसी ने अदालत से दोबारा रिमांड मांगा तो उसे 15 दिसंबर तक पूछताछ करने की इजाजत मिल गई। इस बार मिशेल को चाईनीज खाना उपलब्ध कराया गया। उसके सामने भारतीय व्यंजन भी परोसे गए। उसने दाल-चावल के साथ रोटी और सलाद भी ली।

मिशेल के रक्तचाप को ध्यान में रखते हुए उसे कॉफी भी दी गई। सूत्र बताते हैं कि गत सप्ताह उसने केवल एक दस्तावेज को पहचानने की बात स्वीकार की थी। उस दस्तावेज में जो कुछ लिखा था वह सब कोड वर्ड में था। इसके बाद मिशेल ने कुछ खास नहीं बताया।
सैंकड़ों दस्तावेजों के प्रिंट उसके सामने रखे गए, वह उन्हें केवल देखता है...
 
क्रिश्चियन मिशेल के सामने सीबीआई अधिकारियों ने सैंकड़ों दस्तावेज रखे हैं। वह उन्हें देखता है और पढ़ता भी है, मगर जब कुछ पूछा जाता है तो कहता है कि कई दस्तावेज साफ नहीं है। दोबारा से प्रिंट निकालकर फिर से उसके सामने दस्तावेज रखे जाते हैं, लेकिन उन्हें देखकर कहता है कि उसे कुछ याद नहीं है। जांच अधिकारी जब सख्ताई करते हैं तो उसका रक्तचाप ऊपर-नीचे होने लगता है। हालांकि उससे लगातार पूछताछ नहीं की जाती।

पूछताछ करने वाले अधिकारी हर डेढ़-दो घंटे बाद उसे थोड़ी देर के लिए अकेला छोड़ देते हैं। अगर वह कहता है कि कुछ दस्तावेज उसके पास रखे रहने दें तो जांच एजेंसी उसकी यह बात मान लेती है। सीबीआई के एक अधिकारी का कहना है कि अब उससे पूछताछ करने के लिए केवल दो दिन शेष बचे हैं। इस दौरान पूछताछ के अलावा उसकी लिखाई और हस्ताक्षर मिलान का काम पूरा होगा।

सीबीआई के पास अनेक ऐसे दस्तावेज हैं, जिन पर मिशेल द्वारा लिखी गई कुछ पंक्तियां, कोड वर्ड और हस्ताक्षर वाले पेज हैं। सीबीआई ने हस्ताक्षर और हस्तलिखित पेजों की जांच के लिए फिलहाल अपने एक्सपर्ट को ही बुलाया है। बता दें कि मिशेल के वकीलों ने सीबीआई की इस दलील पर कहा था कि ऐसे दस्तावेजों की जांच फोरेंसिंक लैब में होनी चाहिए। इस पर सीबीआई के वकीलों ने तर्क दिया कि उनके पास इस तरह के दस्तावेजों और हस्ताक्षरों का मिलान करने के लिए पर्याप्त संसाधन हैं।

इसके साथ ही उन्होंने कहा था कि मिशेल के वकील यह सवाल उठाकर जांच एजेंसी की अखंडता पर सवाल खड़ा कर रहे हैं। जांच एजेंसी के अधिकारी बताते हैं कि अगर इन दो दिनों में मिशेल सहयोग नहीं करता है तो अदालत में रिमांड की अवधि बढ़ाने की मांग की जा सकती है।



 
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इस तरह के कोड वर्ड वाले कई दस्तावेज जांच एजेंसी के पास हैं, जिनका जवाब मिशेल के पास बताया जा रहा है

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