अगस्ता वेस्टलैंड मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट में क्रिश्चियन मिशेल को पेश किया। प्रवर्तन निदेशालय ने कहा कि मामले में बड़ी साजिश का पता लगाने के लिए उससे हिरासत में पूछताछ जरूरी है। कोर्ट ने घोटाले में धनशोधन के आरोपों को लेकर मिशेल को सात दिन के लिए एजेंसी की हिरासत में भेज दिया। मिशेल इससे पहले इससे जुड़े सीबीआई के एक मामले में तिहाड़ जेल में बंद था। मिशेल को हाल ही में दुबई से प्रत्यर्पित किया गया था। उसे प्रवर्तन निदेशालय ने 22 दिसंबर को गिरफ्तार किया था।
सुनवाई के दौरान प्रवर्तन निदेशालय ने कोर्ट को बताया कि बिचौलिये क्रिश्चियन मिशेल ने पूछताछ में श्रीमती गांधी का नाम लिया है। लेकिन किस संदर्भ में उसने ये नाम लिया है इस बारे में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता।
ईडी ने कोर्ट से कहा कि मिशेल ने पूछताछ के दौरान इटली की महिला के बेटे का नाम लिया। साथ ही उसने बताया कि कैसे वह देश का प्रधानमंत्री बनने के लिए तैयार बैठा है। ईडी के मुताबिक, मिशेल ने भी बताया है कि कैसे इस सौदे से एचएएल को बाहर कर दिया गया टाटा को चुनने की तैयारी थी।
ईडी ने मांग की है कि मिशेल के वकील को उससे मिलने पर प्रतिबंध लगाया जाए। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा है कि उसे बाहर से पढ़ाया जा रहा है। इस पर अदालत ने मिशेल के वकील को निर्देश दिया है कि वह उससे मिलते वक्त थोड़ी दूरी रखें। अदालत ने हर सुबह और शाम को मिलने का वक्त सिर्फ 15 मिनट तय किया है।
ईडी ने अदालत से कहा कि मिशेल और अन्य लोगों के बीच बातचीत में जिस “आर“ नाम के शख्स का जिक्र हुआ है, हमें उसके बारे में पता लगाना है। हमें मिशेल और अन्य लोगों से “आर“ नाम के शख्त के बारे में पूछना है।
वहीं, मिशेल के वकील अल्जो के जोसेफ ने अदालत से कहा कि इस बात पर कोई विवाद नहीं है कि उन्होंने हमें कागजात सौंपे हैं, लेकिन यह ईडी की गलती है कि उन्होंने ऐसा होने दिया।
कांग्रेस ने जताया विरोध
कांग्रेस नेता आरपीएन सिंह ने इसका विरोध करते हुए कहा कि मिशेल पर किसी एक परिवार का नाम लेने के लिए दवाब बनाया जा रहा है, क्यों चौकीदार सरकारी एजेंसियों पर परिवार का नाम लेने का दवाब बनाने की कोशिश कर रहा है? भाजपा के स्क्रिप्ट राइटर ओवरटाइम काम कर रहे हैं।