लोजपा (रामविलास) ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बरसते हुए राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की। पार्टी ने आरोप लगाया कि वहां अपराध और भ्रष्टाचार अपने चरम पर पहुंच गया है। लोजपा (रामविलास) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में केंद्र द्वारा बिहार में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग को लेकर एक प्रस्ताव पारित किया गया। अध्यक्ष चिराग पासवान ने एक संवाददाता सम्मेलन में राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में पारित प्रस्ताव को पढ़ा। उन्होंने कहा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं और गलत नीतियों के कारण बिहार और बिहारियों को बहुत नुकसान हुआ है। परिणामस्वरूप, राज्य में अपराध और भ्रष्टाचार अपने चरम पर है।
उन्होंने कहा, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) प्रस्ताव पारित करती है और मांग करती है कि केंद्र बिहार सरकार को बर्खास्त करे और राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू करे। सवालों के जवाब में पासवान ने कहा कि उनकी पार्टी ने बिहार में मोकामा और गोपालगंज विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव में उम्मीदवार नहीं उतारने का फैसला किया है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि इस फैसले को राज्य में राजद के नेतृत्व वाले महागठबंधन को समर्थन के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। पासवान ने कहा कि इस पर कोई भ्रम नहीं होना चाहिए। मैंने हमेशा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की नीतियों का विरोध किया है। मैं और मेरी पार्टी किसी भी गठबंधन का समर्थन नहीं करेंगे, जिसमें नीतीश कुमार शामिल हैं।