प्रेस वार्ता के दौरान चिराग पासवान।
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लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) में टूट के बाद अब दोनों धड़ों के बीच पार्टी पर अधिकार की जंग शुरू हो चुकी है। चिराग पासवान ने पार्टी पर दावा जताते हुए कानूनी लड़ाई लड़ने की घोषणा कर दी है। उन्होंने लोकसभा स्पीकर को पत्र लिख कर पार्टी के संसदीय दल में बदलाव के फैसले पर पुनर्विचार की अपील की है। सूरजभान को पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष बनाने के फैसले को अवैध बताते हुए चिराग ने कहा कि पार्टी के संविधान के मुताबिक इस आशय का फैसला करने का अधिकार सिर्फ संसदीय बोर्ड के पास है।
पार्टी में टूट पर चुप्पी तोड़ते हुए चिराग ने इसके लिए जदयू और बिहार के सीएम नीतीश कुमार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि 'मैं शेर का बेटा हूं। ना मैं पहले डरा हूं और ना ही आगे डरूंगा। पहले भी लड़ा था आगे भी लड़ूंगा। जनता मेरे साथ है। मैं लंबी कानूनी और राजनीतिक लड़ाई लड़ने के लिए तैयार हूं। मैं चाहता था कि यह लड़ाई बंद कमरे तक सिमट जाए, मगर अब ये लड़ाई लंबी चलेगी और कानूनी तरीके से लड़ी जाएगी।'
जदयू और नीतीश के साथ मिलकर चाचा ने रची साजिश
चिराग ने कहा कि मैं तब अनाथ नहीं हुआ जब पापा का निधन हुआ। मैं अब अनाथ हुआ हूं, जब चाचा ने साथ छोड़ा है। अगर चाचा कहते तो मैं उन्हें संसदीय दल का नेता बना देता। मगर उन्होंने जदयू और नीतीश कुमार के साथ मिल कर साजिश रची। पार्टी के संविधान के मुताबिक अध्यक्ष और संसदीय दल का नेता पद का मामला पार्टी का संसदीय बोर्ड की कर सकता है। ऐसे में संसदीय दल का नया नेता चुना जाना और कार्यकारी अध्यक्ष बनाने संबंधी दोनों ही फैसले अवैध हैं। मैंने स्पीकर को पत्र लिख कर फैसले पर पुनर्विचार की अपील की है।
‘मदद मांगनी पड़े तो काहे के राम और काहे के हनुमान’
बिहार विधानसभा चुनाव में चिराग ने खुद को पीएम मोदी का हनुमान बताया था। प्रेस कॉन्फ्रेंस में जब उनसे पूछा गया कि क्या इस मामले में वह भाजपा से मदद मांगेंगे। इस पर उन्होंने कहा कि अगर हनुमान को राम की मदद मांगनी पड़े तो काहे के राम और काहे के हनुमान।
लोजपा कार्यालय में पारस का भव्य स्वागत
लोक जनशक्ति पार्टी में मची उथल-पुथल के बीच पशुपति कुमार पारस बुधवार को पटना पहुंचे। भतीजे चिराग पासवान को पार्टी के सभी पदों से हटाने का दावा करने वाले पशुपति पारस का लोजपा कार्यालय में जबरदस्त स्वागत हुआ। पारस समर्थकों ने ढोल-नगाड़ों के साथ पारस का स्वागत किया। लोजपा कार्यालय के पास सुबह से ही भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती थी। सुबह से ही पारस समर्थक लोजपा कार्यालय पहुंचने लगे थे।
5-10 की संख्या में रहे चिराग समर्थकों ने हंगामा करने की कोशिश की, लेकिन पुलिसवालों ने उन्हें खदेड़ दिया। पटना पहुंचे पशुपति पारस ने दावा किया कि वह रामविलास पासवान के असली राजनीतिक उत्तराधिकारी हैं और जल्दी ही संगठन में बड़ा फेरबदल करेंगे। वही, कार्यकारी अध्यक्ष सूरजभान सिंह ने कहा कि पार्टी में कोई टूट नहीं है। चिराग पासवान ने बहुत दिन पार्टी चलाया अब उनके चाचा पशुपति कुमार पारस को पार्टी चलाना चाहिए।