चीन के सरकारी मीडिया ने सोमवार को खबर दी थी कि अक्साई चिन क्षेत्र की गलवां घाटी क्षेत्र में उसके सैनिकों ने सीमा नियंत्रण उपाय मजबूत किए हैं। सरकारी ‘ग्लोबल टाइम्स’ ने सेना के अज्ञात सूत्रों के हवाले से खबर दी थी कि गलवां घाटी में चीनी क्षेत्र में हाल में भारत द्वारा अवैध रक्षा निर्माण के बाद चीन ने यह कदम उठाया है।
नेपाल के साथ भी सीमा विवाद
वहीं उत्तराखंड में धारचूला को लिपुलेख दर्रे के साथ जोड़ने वाली सामरिक रूप से महत्वपूर्ण सड़क पर निर्माण को लेकर नेपाल और भारत के बीच बढ़ते सीमा विवाद के बीच दोनों पक्षों के बीच तनातनी की खबर भी आई है। लिपुलेख दर्रा कालापानी के पास स्थित है जो नेपाल और भारत के बीच विवादित सीमावर्ती क्षेत्र है। भारत और नेपाल दोनों कालापानी पर अपना दावा करते हैं।
भारत में सेना प्रमुख का पदभार ग्रहण करने के बाद उनके नेपाल दौरा करने की परंपरा रही है लेकिन अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि जनरल एमएम नरवणे नेपाल का दौरा जल्द करेंगे या नहीं। उनसे पहले जनरल बिपिन रावत ने सेना प्रमुख बनने के तीन महीने के भीतर नेपाल का दौरा किया था।
इस बीच चीन ने मंगलवार को कहा कि कालापानी भारत और नेपाल का आपसी मसला है। उसने उम्मीद जताई कि दोनों पड़ोसी देश एकतरफा कार्रवाई से बचेंगे और दोस्ताना सलाह-मशविरा से अपने विवादों का उचित समाधान करेंगे।