चीन ने लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) में 4,057 किलोमीटर तक घुसपैठ कर ली थी। हालांकि अब खबर है कि पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के जवान वापस अपनी सीमा में चले गए हैं। सूत्रों ने बताया है कि चीनी सैनिकों ने सीमा पर लगाए अपने पांचों टेंट हटा लिए हैं। माना जा रहा है कि उसने ऐसा इसलिए किया है क्योंकि चीनी रक्षामंत्री भारत दौरे पर आनेवाले हैं। ऐसे में उनके साथ बैठक में इस मसले पर बात हो सकती थी। इसी वजह से चीनी सैनिक वापस चले गए हैं।
पूर्वी लद्दाख के डेमचोक सेक्टर में अक्सर दोनों देशों के बीच अतिक्रमण को लेकर विवाद होता रहता है। जहां एक तरफ भारत का कहना है कि यह इलाका उसकी सीमा में आता है वहीं चीन इसे अपना क्षेत्र बताता रहता है। चीन के सैनिकों ने चेरडॉन्ग-नेरलॉन्ग क्षेत्र में पांच लगाए हुए थे। जिसमें से तीन को दोनों देशों के बीच हुई ब्रिगेडियर स्तर की वार्ता के बाद हटा लिया गया था। दो टेंट सीमा पर लगे हुए थे जिसमें चीन कै सैनिक मौजूद थे। अब
चीनी सैनिकों ने इस टेंट को भी हटा लिया है।
बता दें कि पिछले साल सिक्किम के
दोकलम में दो महीने से ज्यादा वक्त तक भारत और चीन के बीच सैन्य गतिरोध जारी रहा था। जिसे कि लंबे कूटनीतिक प्रयासों के बाद खत्म किया गया था। सूत्रों ने बताया था कि पीएलए के सैनिक जुलाई के पहले हफ्ते में खानाबदोशों के वेश में मवेशियों के साथ भारतीय सीमा में घुस आए थे और भारतीय जवानों के बार-बार कहने के बाद भी नहीं लौटे।
एलएसी पर टकराव को रोकने के लिए भारतीय सैनिको ने बैनर ड्रिल की। यानि उन्हें झंडे दिखाकर अपने क्षेत्र वापस लौट जाने के लिए कहा था। हालांकि भारतीय सेना का प्रयास विफल रहा क्योंकि सैनिक उस समय वापस नहीं गए थे। अब रक्षामंत्री के भारत दौरे की वजह से उन्हें मजबूरन अपनी सीमा में वापस जाना पड़ा है।