भारत-चीन के बीच अभी भी तल्खी जारी है। एक तरफ भारत चीन को सड़क बनाने से रोक रहा है तो दूसरी ओर चीन का आरोप है कि भारतीय सैनिक उसकी सीमा में घुस रहे हैं। चीनी मीडिया भी भारत पर हमलावार हो गया है और हाल ही में एक चीनी न्यूज पोर्टल ने लिखा है कि भारत पर 1962 के युद्ध में मिली हार का असर है।
लेख में भारतीय मीडिया पर भी हमला करते हुए लिखा है कि वो एक ऐसा माहौल पैदा कर रही है जिससे ये साबित हो रहा है कि चीनी सैनिक उसके क्षेत्र में जबरन घुस रहे हैं। इतना ही नहीं, चीनी मीडिया सिक्किम बॉर्डर के मुद्दे को भी 1962 की जंग के दौरान अमेरिकी समर्थन से जोड़ते हुए देख रहा है।
मोदी-ट्रंप की मुलाकात पर लिखा गया है कि जुलाई में हिंद महासागर में भारत-अमेरिका और जापान के बीच सैनिक अभ्यास होगा। इसके साथ ही भारत ने चीन के मुद्दे पर रूस के साथ अपने संबंधों को भी मजबूती दे रहा है।
ग्लोबल टाइम्स ने लिखा है कि सिक्किम एक आजाद देश था लेकिन भारत के साथ वह 1975 में जुड़ा। सिक्किम बॉर्डर को लेकर चीन-सिक्किम के बीच पहले ही बात बन चुकी थी और 2006 में नाथू ला दर्रा को लेकर भी फैसला किया जा चुका था। लेकिन भारत इसको लेकर आपत्ति जता रहा है।
बुधवार को चीनी सरकार ने कहा कि दोंगलांग क्षेत्र भारत और भूटान के हिस्से में नहीं आता है। इसके साथ ही लेख में भारत को इस मामले में हस्तक्षेप करने को लेकर थर्ड पार्टी बताया है। भूटान ने औपचारिक तौर पर उसके क्षेत्र में सड़क बनाने पर विरोध किया है। चीनी मीडिया भूटान के कारकों को लेकर बोल रहा है ना कि भारत के सीमा पार करने और सड़क बनाने पर रोक को लेकर।